देवरिया। कैश के लिए बैंक में आए एक बुजुर्ग को जान गंवानी पड़ी। बैंककर्मियों में हड़कंप मच गया। मान मनौव्वल के बाद किसी तरह मामला शांत हुआ। जिला अस्पताल में बुजुर्ग की लाश काफी देर तक लावारिस हालत में पड़ी रही। दिन में साढ़े चार बजे तक परिजन नहीं आए थे। लाश को मर्चरी में रखा दिया गया। उधर, कैश की किल्लत से देहात की अधिकांश बैंक शाखाएं जूझती रहीं।
एटीएम पर लंबी कतार देखने को मिली। भवानी छापर-सहदी गिरि निवासी 65 वर्षीय गोरख प्रसाद गुरुवार को कोतवाली रोड स्थित पीएनबी में आए थे। कुछ देर बाद उसकी हालत खराब हो गई। वह अचानक गिर पड़े। आसपास के लोगों ने उनकी नब्ज टटोली तो एंबुलेंस से जिला अस्पताल भिजवाया गया। डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद बैंक कर्मचारी सकते में आ गए। ग्राहकों का हुजूम भड़क उठा। बैंक और कोतवाली रोड में अफरातफरी मच गई। नारेबाजी करते हुए बैंक के सामने सड़क जाम करने लगे।
हालांकि लोगों के समझाने के बाद ग्राहकों का गुस्सा शांत हुआ। उधर देहात इलाके की बैंक शाखाओं में कम रकम वितरित की गई। इसके चलते ग्राहकों में नाराजगी देखने को मिली। अधिकांश ग्राहकों को 500-1000 रुपये वितरित की गई। ग्राहकों का कहना था कि बैंक कर्मचारी करीबियों को मनचाही रकम उपलब्ध करा रहे हैं जबकि कतार में खड़ा रहने वाले लोगों को 500-1000 रुपये बांटे जा रहे हैं।
शहर के अमन गेट, कोतवाली रोड, स्टेशन रोड, राघवनगर आदि इलाकों के एटीएम के बाहर महिलाओं और पुरुषों की अलग-अलग लाइन दिखी। घंटों इंतजार के बाद लोगों को रुपये मिले। उधर, खुखुंदू में रुपये को लेकर परेशान लोगों ने गुरुवार को खुखुंदू चौराहे पर सड़क जाम किया।
नोट बंदी के बाद सेंट्रल बैंक की शाखा में गुरुवार को पहली बार रुपये नहीं बंटा। भोर से ही सेंट्रल और पूर्वांचल बैंक शाखा पर महिला और पुरुष लाइन लगाकर खड़े थे। सुबह 10 बजे बैंक खुला तो पता चला कैश नही हैं।