बैतालपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों ने विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने शासन और विभाग पर मांगों की अनदेखी का आरोप लगाया।
प्रदर्शन के बाद प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. विवेक कुमार को ज्ञापन सौंपकर मांगों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने की मांग की। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि सात अक्तूबर तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो आठ अक्तूबर से काम बंद कर बेमियादी धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
डॉ. जमालुद्दीन सिद्धिकी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और अभियानों का अतिरिक्त कार्य संविदा कर्मचारियों पर लगातार बढ़ाया जा रहा है मगर इसके अनुरूप मानदेय और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। डॉ. अल्पना शुक्ला ने कहा कि काम का दबाव बढ़ने के बावजूद समस्याओं के समाधान के लिए ठोस पहल नहीं हुई। बीपीएम राकेश पासवान ने कहा कि अब आश्वासन से काम नहीं चलेगा। डॉ. अमला गुप्ता ने बताया कि उच्चाधिकारियों को समस्याओं से अवगत कराने के बाद भी अपेक्षित सुनवाई नहीं हुई।
प्रदर्शन में डॉ. रीता सिंह, डॉ. पियूष पांडेय, अजित प्रताप सिंह, शैलेन्द्र चौहान, सीमा रानी, रिंकू गुप्ता, सुनील कुमार, अवनीश त्रिपाठी, पवन श्रीवास्तव और प्रियंका गौतम आदि मौजूद रहे।
संविदा कर्मियों ने कहा कि सरकार उनकी मांगों की लंबे समय से अनदेखी कर रही है। अब मांगें पूरी होने के बाद ही आंदोलन समाप्त होगा। चाहे इसके लिए कितनी बड़ी कुर्बानी क्यों न देनी पड़ जाए।
प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. विवेक कुमार ने बताया कि ज्ञापन उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है। हड़ताल की स्थिति में नियमित कर्मचारी ओपीडी और इमरजेंसी सेवाओं की जिम्मेदारी संभालेंगे, ताकि मरीजों को परेशानी न हो।