संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर/एकौना। नेपाल सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश से गोर्रा और राप्ती नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी होने लगी है। पिड़रा स्थित गोर्रा नदी के जलस्तर में ऊफान से पक्के पुल के एप्रोच पर कटान का खतरा मंडराने लगा है। संभावित कटान से इस बार भी पुल से आवागमन बाधित होने के खतरे को देख दोआबा के 52 गांव के लोगों में चिंता बनी है।
रुद्रपुर से पिड़रा पुल होते हुए करहकोल मार्ग से लगातार चार साल से बरसात में बड़ी गाड़ियों का आवागमन बंद हो जा रहा है। 21 सितंबर 2022 को गोर्रा नदी में भीषण बाढ़ के कारण पिड़रा पुल का एप्रोच कट गया था। इस वजह से तीन माह तक पुल से आवाजाही बंद थी। पुल से दोआबा के 52 गांवों के अलावा गोरखपुर, मऊ, वाराणसी, आजमगढ़, जौनपुर जिले में हर दिन वाहनों से लोग आते-जाते हैं।
बरसात शुरू होते ही पुल पर पुलिस का पहरा लग जाता है। बड़े वाहन नहीं गुजरने से सबसे अधिक नुकसान क्षेत्र के व्यापारियों का हो रहा है। बरसात में पुल से बसों की आवाजाही प्रभावित होने पर स्कूली बसों से जाने वाले छात्रों की मुसीबत बढ़ जा रही। करीब चार किमी अतिरिक्त दूरी तय कर बच्चे स्कूल पहुंच पा रहे हैं। इस बार भी गोर्रा नदी का जलस्तर बढ़ने एप्रोच पर दबाव बढ़ने लगा है।
चार जनप्रतिनिधि मिलकर नहीं करा पा रहे पुल का जीर्णोद्धार : पिड़रा पुल का एप्रोच कटने से आवागमन प्रभावित होने पर क्षेत्र में सियासत गर्म है। रुद्रपुर क्षेत्र में प्रदेश और केंद्र सरकार में चार जनप्रतिनिधि होने के बावजूद कटान स्थल पर मजबूत निरोधात्मक कार्य नहीं होने की चर्चा जोरों पर है।
पूर्व मंत्री, विधायक जयप्रकाश निषाद, एमएलसी डॉ. रतनपाल सिंह और डॉ. धर्मेंद्र सिंह प्रदेश सरकार में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। तीनों जनप्रतिनिधि कई बार कटान स्थल का दौरा कर कार्य कराने का आश्वासन भी दे चुके हैं।
बावजूद इसके कोई धरातल पर काम नहीं हुआ। बांसगांव के संसदीय क्षेत्र से केंद्रीय राज्यमंत्री कमलेश पासवान, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी पिड़रा पुल के एप्रोच के कटान स्थल का निरीक्षण कर चुके हैं।
भागलपुर संवाद के अनुसार, सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और अब वह खतरे के निशान को छूने को आतुर दिख रही है। रविवार को दिनभर नदी के बढ़ते रुख ने तटवर्ती इलाकों के लोगों को चिंता में डाल दिया।
हालांकि दोपहर तक जलस्तर में स्थिरता आई, लेकिन शाम पांच बजे से एक बार फिर नदी में 1 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से वृद्धि दर्ज की गई। सोमवार को यह दर आधा सेमी प्रति घंटे रही।