भटनी। मारपीट में हुई हत्या के एक मामले में आरोपियों पर मेहरबानी भटनी एसओ सुशील कुमार पर भारी पड़ी। मामले में धारा नहीं बढ़ाने और आरोपियों से कथित लेनदेन के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने शुक्रवार की रात में एसओ सुशील कुमार को निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई पीड़ित परिवार के शिकायत पर की गई है। इससे पहले नवंबर में भी एसओ रहे जितेंद्र सिंह ऐसे ही मामले में निलंबित हुए थे।
भटनी थाना क्षेत्र के नोनापार गांव निवासी भृगुराशन यादव और मन्नू यादव के परिवार के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। सात दिसंबर को जमीन पर कब्जे को लेकर दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। इस दौरान मन्नू पक्ष के जितेंद्र यादव (45) को गंभीर चोटें आईं। मामले में जितेंद्र की पत्नी विद्यावती देवी की तहरीर पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी।
वहीं दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसी बीच इलाज के दौरान 12 दिसंबर को जितेंद्र की गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। इसके बावजूद मामले में हत्या की धारा नहीं बढ़ाई गई। जबकि एक आरोपी की अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
मृतक की पत्नी विद्यावती देवी ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर आरोप लगाया कि मामले में जानबूझकर हत्या की धारा नहीं बढ़ाई गई और आरोपियों से पुलिस का लेनदेन हुआ है। शिकायत को गंभीर मानते हुए एसपी ने मामले की जांच क्षेत्राधिकारी भाटपाररानी अंशुमन श्रीवास्तव से कराया। शुक्रवार की रात सीओ के रिपोर्ट पर एसपी ने थानाध्यक्ष सुशील कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी नवंबर माह में परसौनी गांव में मारपीट के दौरान हुई मौत के मामले में कार्रवाई न करने पर पुलिस अधीक्षक ने प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र सिंह, हल्का उपनिरीक्षक मनोज उपाध्याय और एक सिपाही को निलंबित किया था। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
सीओ भाटपाररानी अंशुमन श्रीवास्तव ने बताया कि नोनापार गांव में मारपीट में युवक की मौत मामले में धारा नहीं बढ़ाने और आरोपियों से संबंध होने पर थानेदार पर कार्रवाई की गई है।