देवरिया। कतरारी मोड़ से रामनाथ देवरिया मार्ग पर निर्माणाधीन जल निकासी परियोजना कंस्ट्रक्शन ऑफ आरसीसी स्टॉर्म वाटर ड्रेन के निर्माण में लापरवाही बरतने व निर्माण कार्य ससमय पूरा नहीं करने की दिशा में निर्माण कार्य में लगी दोनों फर्म के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है। यह मुकदमा डीएम दिव्या मित्तल के निर्देश पर दर्ज कराया गया है।
बीते मंगलवार को डीएम ने जल निकासी परियोजना का निरीक्षण किया गया था। निर्माण कार्य काफी धीमी गति से मिलने पर नाराजगी जाहिर करते हुए फर्म को ब्लैकलिस्ट करते हुए मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। उनके निर्देश का अनुपालन करते हुए अधिशासी अभियंता ने दोनों फर्म के विरुद्ध कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है।
बीते मंगलवार को जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने जल निकासी परियोजना का गहन निरीक्षण किया। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 43.11 करोड़ रुपये है और इसे मार्च 2025 तक पूरा करना है। अभी तक 65 प्रतिशत कार्य ही पूर्ण हुआ मिला था निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने ठेकेदार द्वारा कार्य में भारी लापरवाही और देरी पर कड़ी नाराजगी भी जताई थी। उन्होंने निर्माण कार्य में लापरवाही के लिए कड़ी फटकार लगाते हुए निर्माण कार्य कर रही फर्म को ब्लैकलिस्ट करने तथा एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिया था।
डीएम के निर्देश के बाद भी निर्माण कार्य तेजी से नहीं मिलने पर जल निगम नगरीय के अधिशाषी अभियंता अनूप सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया है। तहरीर में उन्होंने कहा है कि नगर पालिका परिषद में जल निकासी के लिए आरसीसी स्टार्म वाटर ड्रेन का निर्माण कार्य के अनुबंध के अन्तर्गत चंदौली के वाड नंबर आठ किदवाई नगर के मेसर्स नंद एंड संस मेसर्स योगी कंस्ट्रक्शन कंपनी व मेसर्स स्वामी सदानंद ट्यूब करा रही थी।
कार्य प्रारम्भ की तिथि सात जनवरी 2022 थी और कार्य पूर्ण करने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2025 निर्धारित थी। डीएम ने जब उक्त योजना का स्थलीय निरीक्षण किया गया, निरीक्षण में योजना पर वर्तमान तक इस महत्वपूर्ण परियोजना पर सिर्फ 65 प्रतिशत की भौतिक प्रगति मिली थी। उनके निर्देश पर दोनों फर्म के विरुद्ध जल निगम के अधिशासी अभियंता अनूप सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया है।