सलेमपुर। सेना में सिविल नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवकों से 23 लाख रुपये की ठगी का मामला प्रकाश में आया है। कोतवाली पुलिस ने रंजीत कुमार गुप्ता की तहरीर पर दो सैन्यकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुख्य आरोपी नायक संतोष कुमार दूबे हैं, जिनकी वर्तमान तैनाती पुणे के देहू रोड स्थित केंद्रीय आयुध भंडार में है। उनके साथ हवलदार चालक बीरबल यादव को भी सह–आरोपी बनाया गया है, जिसने पीड़ित युवकों को नायक दूबे से मिलवाया था।
तहरीर में कहा है कि रक्षा मंत्रालय और आयुध भंडार में सिविल पदों पर भर्ती का लालच दिया था। नायक दूबे ने प्रति अभ्यर्थी छह लाख रुपये में से तीन लाख रुपये सुरक्षा राशि के नाम पर मांगे। यह पूरी रकम 21 दिसंबर 2020 से 13 जनवरी 2021 के बीच कुल तेरह किश्तों में नायक दूबे के भारतीय स्टेट बैंक के खाते में जमा कराई गई।आरोपी ने रकम लेने के बाद फरवरी 2022 और मार्च 2023 में संदिग्ध और कूटरचित भर्ती परिणाम सूची भेजकर पीड़ितों को विश्वास में बनाए रखा। जब लंबे समय तक नियुक्ति नहीं मिली पीड़ितों ने अपनी राशि वापस मांगी, तो आरोपी ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी दी।
पीड़ितों ने बताया कि इस प्रकरण में वे राष्ट्रपति, रक्षा मंत्री और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को लगभग 30 प्रार्थना–पत्र दे चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। कोतवाल महेंद्र कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।