संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया/बरहज। रामजानकी मार्ग के चौड़ीकरण में मुआवजे का पेच अब भी फंसा हुआ है। कपरवार में भवन स्वामी और परिवार के अन्य सदस्यों के विवाद तो कहीं राजस्व अभिलेख में नाम दर्ज नहीं हैं।
ऊपर से मकान भी बनवा लिया है। वहीं कुंडौली में नवीन परती भूमि पर लोगों ने मकान बनवा लिए हैं, मगर राजस्व अभिलेख में उनका नाम दर्ज नहीं है। इससे मुआवजा भेजने में दिक्कत आ रही है। प्रशासन का कहना है कि इस बारे में शासन को पत्र भेजा गया है। वहां से जैसा निर्देश मिलेगा, वैसी कार्रवाई होगी।
भारत शृंखला माला के तहत अयोध्या से बिहार के जनकपुर तक एनएच 227ए की ओर से 1300 करोड़ की लागत से रामजानकी मार्ग चौड़ीकरण का कार्य कराया जा रहा है।
इसमें कपरवार से कुंडौली तक सड़क 10 और मेहरौना बार्डर तक 19 मीटर चौड़ा किया जाना है।
निर्माण कार्य को लेकर करीब 83 फीसदी लोगों का मुआवजा भुगतान किया जा चुका है, मगर कपरवार में करीब 21, कुंडौली में छह, हरखौली में एक सहित कुछ लोगों का मुआवजा फंसा है। कपरवार के विंध्यवासिनी मिश्र, रमेश तिवारी, मकरध्वज चौरसिया, नगीना गुप्त, जयप्रकाश गुप्त, सनातन मणि सहित करीब 21, कुंडौली के बाबूलाल, अकबर अली, नसीर, कैलाशी देवी, रामवेलास, बबीता देवी आदि भवन स्वामियों के मुआवजे को लेकर प्रशासन ने शासन को पत्र भेजा है। बरहज रेलवे पूर्वी ढाला पर चल रहा ओवरब्रिज का निर्माण : एनएच 227 ए की ओर से बरहज रेलवे पूर्वी ढाले पर ओवरब्रिज निर्माण कराया जा रहा है।
लोगों के अनुसार, ओवरब्रिज बनने से लोगों को अवागमन में सहूलियत मिलेगी।
कहीं-कहीं विभाग सड़क चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहीत जमीनों पर मिट्टी डालकर समतल करा रहा है। कपरवार के मठियां, कान्हा हाउस के पास, बेलडाड़ में कुछ एक जगहों पर छोटी पुलिया निर्माण कराया जाना है। इसके लिए निर्माण सामग्री आ चुके हैं।