सलेमपुर। जाति प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर रिश्वत की मांग करना एक मुंशी को भारी पड़ गया। शिकायत की पुष्टि होने के बाद एसडीएम ने आरोपी मुंशी को गिरफ्तार करवाया। बृहस्पतिवार शाम को शांति भंग में उसे 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। साथ ही संबंधित हल्का लेखपाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति करते हुए उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
तहसील क्षेत्र के बलिया दक्षिण गांव निवासी एक व्यक्ति बृहस्पतिवार की दोपहर एसडीएम दिशा श्रीवास्तव को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि जाति प्रमाण पत्र के लिए उसने आवेदन किया है। उसे जारी करने के लिए हल्का लेखपाल का मुंशी हमसे आठ सौ रुपये की मांग रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम दिशा श्रीवास्तव ने इसकी जांच कराई। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर उन्होंने डीएम दिव्या मित्तल को मामले की जानकारी दी। डीएम के निर्देश पर एसडीएम ने तहसील क्षेत्र में तैनात लेखपाल अमरेश मौर्या के मुंशी रामप्रवेश निवासी संजाव के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया। देर शाम को पुलिस ने उसका शांति भंग में चालान कर एसडीएम के समक्ष पेश किया जहां से एसडीएम दिशा श्रीवास्तव ने न्यायिक हिरासत में 14 दिन के लिए मुंशी को जेल भेज दिया। इसके साथ ही संबंधित हल्का लेखपाल अमरेश मौर्या के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। एक दिन पहले भी एसडीएम ने अंश निर्धारण में लापरवाही पाए जाने के मामले में एक लेखपाल को निलंबित कर दिया था।
एसडीएम दिशा श्रीवास्तव ने कहा कि जाति प्रमाण पत्र के नाम पर धन उगाही करने वाले एक मुंशी को जेल भेज दिया गया है। जबकि लेखपाल अमरेश मौर्या के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है। किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार या अवैध वसूली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।