भलुअनी मे नव दुर्गा का सजा पंडाल.
- घरों से लेकर मंदिरों तक हुआ दुर्गा सप्तशती का पाठ
- दुर्गा पंडाल को अंतिम रूप देने में लगे कलाकार
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन मंगलवार को मां आदिशक्ति के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की आराधना की गई। मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजन अर्चन किया। वहीं घरों में दुर्गा सप्तशती समेत मां आदिशक्ति की स्तुतियों का पाठ कर भक्तिभाव में लोग डूबे रहे। चहुंओर उल्लास छाया रहा।
भोर में उठकर स्नान आदि कर श्रद्धालुओं ने मां आदिशक्ति के ब्रह्मचारिणी स्वरूप का ध्यान कर आराधना किया। मां के चित्र के सम्मुख दीप जलाकर धूप दिखाया। भोग लगाकर जल से मां को भाव से आचमन कराया। मां के चित्र के समक्ष आसन लगाकर बैठे और दुर्गा सप्तशती का पाठ किया। मां दुर्गा की स्तुति का सस्वर पाठ किया। साथ में बच्चे भी भाव निमग्न होकर साथ बैठे रहे। आराधना के बाद परिवार के सभी सदस्यों ने एक साथ मां की आरती की। अंत में प्रसाद ग्रहण किया। वहीं गायत्री परिवार से जुड़े लोगों ने सुबह ध्यान लगाया। सामर्थ्य और संकल्प अनुसार गायत्री मंत्र का जप किया। दूसरी ओर मंदिरों में भोर से घंटा घड़ियाल बजने लगा। इसकी ध्वनियां दूर तक सुनाई देती रहीं। पूरा माहौल भक्तिभाव से भरा रहा। लोग सुबह से ही कतारबद्ध होकर दर्शन की पूजन के लिए अपनी बारी की प्रतीक्षा करते दिखाई दिए। देवरही मंदिर में महिला और पुरुष अलग कतार में खड़े होकर अपनी बारी की प्रतीक्षा करती रहे। दिन चढ़ने के साथ ही कतार में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती गई। मंदिर में व्यवस्था संभालने के लिए स्वयंसेवक जुटे रहे। पुजारी ने गर्भगृह में श्रद्धालुओं से नारियल लेकर मां के पास रखे पत्थर पर तोड़कर प्रसाद स्वरूप वापस भक्तों को देते रहे। दर्शन कर लोग बाहर निर्धारित स्थान पर अगरबत्ती व धूप जलाए। मंदिर के बरामदे में कोई दुर्गा सप्तशती तो कोई रामचरित मानस के नवाह्न का पाठ करता रहा। अमेठी माई मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने डेरा जमाकर दुर्गा सप्तशती का पाठ किया। राघव नगर दुर्गा मंदिर में मां आदिशक्ति के दर्शन को लोग आते रहे। अहिलवार दुर्गा मंदिर में भी श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। लोगों ने पूजन अर्चन कर मां के चरणों में शीश नवाए। इसके साथ ही गरुड़पार काली मंदिर, लाहिलपार, सोंदा, अगस्तपार समेत सभी देवी स्थानों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही।
शहर से लेकर गांव तक प्रतिमा बिठाने की तैयारी
शारदीय नवरात्र में शहर से लेकर गांव प्रतिमा रखने के लिए पंडाल तैयार किए जा रहे हैं। कुछ जगहों पर पहले दिन से ही प्रतिमाएं रखी गई हैं। वहीं अधिकांश जगहों पर सप्तमी की शाम को दुर्गा पंडाल के पट खुलेंगे। इसको लेकर जगह जगह तैयारी की जा रही है। भव्य पंडाल तैयार करने की होड़ दुर्गा पूजा समितियों में लगी है।