रुद्रपुर। कस्बे और आसपास के गांवों में आवारा कुत्तों की तादाद बढ़ रही है। भोजन और ठिकाने की तलाश में सड़क पर ही कुत्तों का झुंड घूमता रहता है। अब वे आक्रामक हो गए हैं। स्थिति यह है कि रुद्रपुर सीएचसी में रोजाना 30 से अधिक लोग एंटी रैबीज की पहली डोज लगवाने पहुंचते हैं।
सीएचसी के रिकार्ड के अनुसार, पिछले एक महीने में ऐसे 900 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। शनिवार को सीएचसी पर रैबीज की सुई लगवाने के लिए लाइन लगी थी। यहां गनियारी के युवराज, हौली बलिया की आर्या और रुद्रपुर के हरेंद्र कुमार, कबीलाश गौड़ और गोलू गुप्ता को कुत्ते ने काट लिया था। इन लोगों ने बताया कि कस्बे में आवारा कुत्तों का चारों ओर खौफ है। नगर पंचायत को उन्हें पकड़ कर सेल्टर हाउस में रखना चाहिए।
पश्चिमी तिवारी टोला के सतेंद्र रावत ने बताया कि शाम के समय गलियों में कुत्तों के झुंड घूमते हैं, जिससे बच्चे बाहर खेलने से डरते हैं। राधा देवी ने कहा कि उनके पोते को कुछ दिन पहले एक कुत्ते ने काट लिया था, अब घर से निकलने में डर लगता है।
मोहल्ले में गंदगी से बढ़ रहे कुत्ते
नगरवासी विजय यादव, अंकित त्रिपाठी, रामप्रवेश भारती आदि का कहना है कि कस्बे में फैले कूड़े व अन्य अपशिष्ट पदार्थ में अपने लिए भोजन तलाशने आने वालों कुत्तों की वजह से दिक्कत बढ़ी है। नगर पंचायत की तरफ से अगर नसबंदी और टीकाकरण अभियान चलाया जाए तो कुत्तों की बढ़ती संख्या पर रोक लगाया जा सकता है।