देवरिया में माफिया अतीक अहमद के आगे जेल प्रशासन पूरी तरह नतमस्तक रहा है। जेल के रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज खुद इसकी गवाही दे रहे हैं। आम मुलाकातियों को महज आधे घंटे में ही जेल के बाहर कर देने वाले अफसर अतीक के मामले में चुप्पी साध लेते थे। जेल में इंट्री होने के बाद मुलाकाती तभी बाहर जाते थे, जब अतीक की मर्जी होती थी।
फिर चाहे घंटों ही क्यों न बीत जाएं। 26 दिसंबर को मोहित भी तीन घंटे तक जेल के अंदर रहा। मुलाकात की अधिकतम समय सीमा बीतने के बाद भी जेल प्रशासन ने न उसे बाहर करने की जरूरत समझी और न ही इतने समय तक अंदर रहने पर कोई पूछताछ या जानकारी ली।
प्रभारी डीआईजी और गोरखपुर के वरिष्ठ जेल अधीक्षक रामधनी की जांच में भी यह बात सामने आ चुकी है। मामला सुर्खियों में आने के बाद अफसर मुंह खोलने से कतरा रहे हैं।
जेल प्रशासन भी मोहित के जेल में दाखिल होने की पुष्टि कर चुका है। सूत्रों के अनुसार बंदी या कैदी से मिलने वाले को विशेष परिस्थिति में कुछ अतिरिक्त समय के लिए छूट दी जा सकती है, पर अतीक के मामले में सारे नियम ताक पर रख दिए गए थे।