आरोपित भाई की जगह चार दिन से नाबालिग भाई हिरासत में
लार (देवरिया)। विवाह के बाद पत्नी से मामला बिगड़ने के बाद पुलिस आरोपित पति के नाबालिग भाई (14 वर्ष) को चार दिन से हिरासत में लेकर थाने में पूछताछ कर रही है। जबकि पति पत्नी के विवाद का मामला न्यायालय में चल रहा है। नाबालिग की मां ने पुलिस पर बेटे को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
लार थाना क्षेत्र के एक गांव का युवक अपने ही समुदाय की युवती से प्रेम करता था। युवती ने जब शादी का दबाव बनाया तो युवक टाल मटोल करने लगा। अप्रैल में पुलिस और कुछ गांव के संभ्रांत लोगों की मौजूदगी में दोनों की शादी हुई। शादी के बाद से ही दोनों के बीच मनमुटाव चलने लगा। मामला इतना बढ़ा कि एक दूसरे से दोनों अलग हो गए।
युवक की मां के अनुसार दोनों के विवाद का मामला देवरिया न्यायालय में चल रहा है। इसके बावजूद पुलिस ने युवक को गिरफ्तार करने के लिए चार दिन पहले घर पर आई। युवक के नहीं मिलने पर नाबालिग बेटे को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उसे चार दिन से थाने में बैठा कर प्रताड़ित किया जा रहा है। इसमें उसका क्या कसूर है। इस बात की शिकायत उसने पुलिस के उच्चाधिकारियों से करने की बात कही है। प्रभारी निरीक्षक टीजे सिंह ने बताया कि उसके भाई के नहीं मिलने पर उसे हिरासत में लिया गया है। प्रताड़ित करने का आरोप गलत है।
पुलिस को हिरासत में रखने का अधिकार नहीं
माननीय सुप्रीम कोर्ट और बाल संरक्षण अधिनियम 2015 के आदेशानुसार नाबालिग बच्चे को हिरासत या जेल में नहीं रखा जा सकता है।