मामले में केस दर्ज कर पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी। लार पुलिस ने हरियाणा के उस अधेड़ को गिरफ्तार कर लिया। नवीन पुत्र राम कुमार नाम के उस अधेड़ के विरुद्ध लार थाने में कुछ दिन पूर्व बाल विवाह और मानव तस्करी जैसे गंभीर आरोप में केस दर्ज किया गया था। पुलिस इस मामले में गांव के बिचौलिए परमानन्द राजभर को गिरफ्तार कर पहले ही जेल चुकी है।
लार थाने के एसएसआई राम राज सिंह के नेतृत्व में एक पुलिस टीम हरियाणा गई थी। पुलिस आरोपी को जतारा खिड़ी थाना अटौरा हरियाणा से पकड़ कर लाई है। प्रभारी निरीक्षक लार कपिलदेव चौधरी ने कहा कि वांछित अभियुक्त को सलेमपुर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। विवेचना में जो तथ्य सामने आए उसके आधार पर दुष्कर्म व अन्य धाराएं बढ़ाई जाएंगी।
80 हजार रुपये में बेची गई किशोरी के अलावा भी राजस्थान और हरियाणा में यहां के दलाल साठगांठ कर लड़कियों को बेचने का काम कर चुके हैं। पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों में यह गिरोह सक्रिय है और गरीब परिवारों को अच्छी शादी कराने का झांसा देकर विश्वास में ले लेते हैं। बाद में पता चलता है कि उनकी बेटी गलत हाथ में चली गई है। रानी बनाने का सब्जबाग दिखाने वाले गरीब बेटियों को नौकरानी बनाकर काम करवाते हैं।
यह गिरोह यहीं पर मंदिर में गुपचुप तरीके शादी कराता है और लड़के लड़कियों को लेकर चले जाते हैं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर सहित अन्य जनपदों की लड़कियों की शादी हरियाणा और राजस्थान में हुई है। इनकी नजर हमेशा गरीब परिवारों पर रहती है ताकि उन्हें शक न हो और वह आसानी से अपने मंसूबे में सफल हो जाएं।
ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाने पर अब तक नहीं आया एक भी मामला
देवरिया जिले में मानव तस्करी को रोकने के लिए ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाना बनाया गया है। पर सच तो यह है कि एक साल का समय गुजर गया, लेकिन एक भी मामले यहां पर दर्ज नहीं हुए। हकीकत तो यह है कि मुखबिर तंत्र कमजोर होने के कारण मामला सामने नहीं आ पा रहा है और न ही ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई कर पा रही है। संवाद
सीओ श्रीयश त्रिपाठी ने कहा कि पुराने दर्ज मामले में मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उससे अहम जानकारी भी हासिल की गई है। पुलिस इसके आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।