देवरिया। जिले के परिषदीय विद्यालयों में रसोई गैस की भारी किल्लत से मिड-डे मील योजना पर संकट छा गया है। जिले के 2120 स्कूलों में बच्चों का दोपहर का भोजन पर असर पड़ सकता है। समय रहते गैस सिलिंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई, तो हजारों बच्चों को स्कूलों में भूखे पेट रहना होगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसमें गैस की कमी वाले स्कूलों की सूची तैयार करने को कहा गया। बीएसए ने कहा कि मध्याह्न भोजन बच्चों का अधिकार है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बीएसए ने इस बावत जिले की सभी गैस एजेंसी संचालकों को पत्र भेजकर स्कूलों को एमडीएम के लिए भोजन उपलब्ध कराने को कहा है। उन्होंने अपने पत्र में स्कूलों को इमरजेंसी श्रेणी में रखते हुए प्राथमिकता के आधार पर सिलिंडर उपलब्ध कराने को कहा।