बनकटा। मेराज की मां सलमा के अनुसार कोई फोन आया और उसके बाद बेटा घर से चला गया। घर से निकलते समय तक सब कुछ सामान्य था। देर रात तक जब वह नहीं लौटा तो चिंता बढ़ने लगी और तलाश शुरू कर दी गई। सुबह मेराज के मौत की जानकारी हुई।
मेराज घर से रात करीब आठ बजे निकला था और स्टेशन से रात में करीब 10:30 बजे उसे एंबुलेंस से पीएचसी के लिए भेजा गया। बीच के ढाई घंटों में मेराज के साथ कौन था और ऐसा क्या हुआ जिसके कारण मेराज की मौत हो गई यह रहस्य बना हुआ है। मेराज के पिता का करीब 20 वर्ष पहले ही निधन हो गया था। चार भाइयों में सबसे छोटा मेराज अभी हाईस्कूल का छात्र था। 14 सितंबर को वह अपने भाई के पास सूरत से लौट कर घर आया था।