प्राथमिक विद्यालय पर एमडीएम खाने नहीं पहुंचे बच्चे, घूम रहे शिक्षक और सफाईकर्मी
शासन के फरमान पर परिषदीय विद्यालयों में मंगलवार को शिक्षक बच्चों को एमडीएम खिलाने के लिए विद्यालय पर पहुंचे। लेकिन अधिकतर विद्यालयों पर बच्चे ही नहीं आए। कुछ विद्यालयों पर बच्चे पहुंचे, पर उम्मीद से कम। वहीं लखनऊ से एमडीएम के लिए मोबाइल पर कॉल आया तो बहुतायत शिक्षकों ने शून्य दबाया।
गर्मी की छुट्टी में भी परिषदीय विद्यालय के बच्चों को एमडीमए खिलाने के लिए शासन ने आदेश जारी किया है। पहले दिन सलेमपुर तहसील के परिषदीय विद्यालय में यह आदेश फ्लॉप हो गया। लार, सलेमपुर, भागलपुर और भटनी ब्लॉक के अधिकतर परिषदीय विद्यालयों में बच्चे एमडीएम खाने के लिए नहीं गए। लार के प्राथमिक विद्यालय चाटिया, रातवपार अमेठिया, रानगर में शिक्षकों ने एमडीएम बनाया।
सुबह 11 बजे तक इंतजार करने के बाद भी एक भी बच्चे विद्यालय पर नहीं आए। वहीं प्राथमिक विद्यालय सहजौर में सुबह 10 बजे तक भोजन नहीं बना था। यहां मौजूद प्रधानाध्यापक नूरूल हसन ने बताया कि कुल 37 बच्चों का नामांकन है। लेकिन अभी तक एक भी बच्चे नहीं आए हैं। एमडीएम नुकसान होने की वजह से अभी तक नहीं बना है। यही हाल भागलपुर, सलेमपुर और भटनी ब्लॉक का भी रहा। सूत्रों की माने तो कई विद्यालयों पर तो राशन ही नहीं था। वैसे ही शिक्षक विद्यालय खोलकर बैठे थे। इस बाबत लार के बीईओ प्रभात कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अधिकतर विद्यालय खुले थे। लेकिन बच्चे ही नहीं पहुंचे।