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रेड जोन बने तहसील क्षेत्र के एक दर्जन गांव

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रेड जोन बने तहसील क्षेत्र के एक दर्जन गांव
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गाजीपुर भैंसही, बैदा, छपौली और नकइल में हालात बेकाबू
कॉटेक्ट ट्रेसिंग में जुटीं स्वास्थ्य विभाग की कई टीमें
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। क्षेत्र में कोरोना संकट और गहराता जा रहा है। प्रशासन के काफी प्रयास के बाद भी संक्रमण की रफ्तार कम होने का नाम नहीं ले रही। तहसील क्षेत्र के एक दर्जन गांव कोरोना के रेड जोन में बदल चुके हैं। बुधवार को स्वास्थ्य महकमे की अलग-अलग टीम कई गांवों का दौरा कर कॉटेक्ट ट्रेंसिंग में जुटी रही।
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बैदा में एक सप्ताह के अंदर गांव के 13 लोगों की मौत के बाद पूरे गांव की सैंपंलिंग कराई जा रही है। यही हाल छपौली और भैंसही गांव का है। यहां भी मौत का आंकड़ा दहाई में पहुंच गया है। वहीं, खोरमा, कन्हौली, नकइल, पचरुखा आदि गांवों में संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है। नकइल गांव में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत के बाद गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डोर-टू-डोर सर्वे शुरू कर दिया है। प्रभावित गांवों में रोज सुबह-शाम छिड़काव और सैनिटाइजेशन का काम चल रहा है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की पांच टीमों ने चार गांवों का दौरा किया। इस दौरान संक्रमितों के संपर्क में आए 649 लोगों की जांच की गई। वहीं, 208 लोगों का कोरोना टेस्ट के लिए नमूना लिया गया और कोरोना के प्राथमिक लक्षण मिलने पर 51 लोगों को कोरोना किट दी गई। इस बाबत एचईओ लाल बचन चौधरी ने कहा कि संक्रमण से प्रभावित गांवों का डॉक्टर की टीम निरंतर दौरा कर रही है। टीम में एक डॉक्टर और चार स्वास्थ्य कर्मचारी लगाए गए हैं। सीएचसी के डॉ. सुशील मल्ल, डॉ. राजेश सिंह, डॉ. एसएन मणि, डॉ. उमाशंकर जायसवाल, विकास कुमार, सबरे आलम, ब्रजेश यादव ने प्रभावित गांवों का जायजा लिया।
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