रामपुर कारखाना पीएचसी का सीएमओ डॉ. डीके सिंह ने निरीक्षण किया।
सीएमओ, एसीएमओ ने बुधवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर कारखाना, नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कंचनपुर और किशुनपाली का निरीक्षण किया। साफ-सफाई की व्यवस्था ठीक नहीं होने पर कंचनपुर के स्वीपर को निलंबित कर दिया गया। जबकि पांच डॉक्टर समेत 17 कर्मचारी अनुपस्थित मिले हैं। सभी को चेतावनी दी गई है।
बुधवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर कारखाना का निरीक्षण करने सीएमओ डॉ. डीके सिंह, एसीएमओ डॉ. एसएन सिंह पहुंचे। यहां वार्ड ब्वॉय कम चपरासी रामसमुझ, आयुष फार्मेसिस्ट राकेश कुमार, एएनएम मुन्नी राय, स्टाफ नर्स देवी भारती, एचवी बीना सिंह, एनएमए बृजेश कुमार शुक्ला, रामनिवास, डॉ. पल्लवी श्रीवास्तव, डॉ. जीतेंद्र कुमार राय, बेबी गुप्ता अनुपस्थित पाई गईं। संविदा स्टाफ नर्स कविता चौहान 18 से ही अनुपस्थित थीं। लिपिक अखिलेश जायसवाल 24 से, डॉ. माधवी जायसवाल, डॉ. अपर्णा जायसवाल 23 से अनुपस्थित थीं। डॉ. सीमा यादव ने हस्ताक्षर बनाया था, लेकिन वह मौजूद नहीं थीं। डॉ. माधवी जायसवाल को एक से तीन मई और 16 से 18 मई तक प्रभारी चिकित्साधिकारी ने अनुपस्थित किया था। जेएसवाई भुगतान की स्थिति बेहद खराब थी।
इस पर जिम्मेदारों को फटकार लगाते हुए पांच दिन में भुगतान का निर्देश दिया गया। न्यू पीएचसी कंचनपुर पर फार्मेसिस्ट रितेश अनुपस्थित मिले। यहां साफ-सफाई की व्यवस्था काफी खराब थी। सीएमओ ने स्वीपर दुखी प्रसाद को निलंबित कर दिया। यहां कमरे में लकड़ी रखा गया था। इसे हटवाने का निर्देश दिया गया। न्यू पीएचसी किशुनपाली में एनएमए वीरेंद्र यादव दो दिन से अनुपस्थित थे। पंखा खराब था। डिलीवरी रूम भी खराब ही था। 102 और 108 एंबुलेंस सेवा का निरीक्षण किया। इसमें सेक्शन मशीन खराब मिली।