देवरिया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और नेशनल मेडिकोज आर्गेनाईजेशन के तत्वावधान में मंगलवार को मेडिकल कॉलेज परिसर में समाज परिवर्तन का वाहक बने युवा, विषय पर संगोष्ठी का किया गया। इसमें भगवान राम, श्रीकृष्ण, प्राचीन भारत में चंद्रगुप्त जैसे चरित्र का वर्णन किया गया। साथ ही स्वामी विवेकानंद को आधुनिक विश्व में सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण का कार्य शुरू करने वाला बताया।
बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय के शिक्षा शास्त्र विभाग के विभागध्यक्ष व अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद गोरक्ष प्रांत के प्रांत उपाध्यक्ष डॉ. निगम मौर्य ने बताया कि भारत के इतिहास में जितने बड़े बदलाव हुए हैं, वह सभी युवाओं के माध्यम से हुए हैं। उन्होंने कहा कि भगवान राम, कृष्णा और चंद्रगुप्त ने देश की दशा बदल दी।
उन्होंने कहा कि विवेकानंद ने महज 30 वर्ष की आयु में शिकागो में दिए अपने भाषण से सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण के वैश्विक कार्य को आगे बढ़ाया। अभाविप के विभाग प्रमुख एवं प्रांत उपाध्यक्ष एसवीपीजी काॅलेज के सहायक आचार्य डॉ. विवेक मिश्र ने विद्यार्थियों को भविष्य का डॉक्टर कहकर संबोधित करते कहाकि विवेकानंद के चरित्र को अपने अंदर आत्मसात करने की आवश्यकता है।
प्रोफेसर डॉ. प्रियंका राय ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थी समाज के विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता एवं चेतना का का कार्य करते हैं। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज की कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. श्वेता सिंह, विभाग संगठन मंत्री प्रशांत मणि त्रिपाठी, नगर अध्यक्ष डॉ. मंतोष मौर्य, जिला संगठन मंत्री सात्विक श्रीवास्तव, शशांक तिवारी, अमित पासवान, शुभम पांडेय मौजूद रहे।