भगवान की दो चमकती प्रतिमाएं जैन समाज की झांकी की शोभा बढ़ा रही थी। पैदल निकाली गई झांकी में समाज के अनुयाई आगे-आगे भगवान की प्रतिमाएं सिर पर लिए चल रहे थे। झांकी प्राचीन मंदिर से होते हुए नए मंदिर परिसर में घुमाई गई।
देवरिया जिले में खुखुंदू स्थित जैन मंदिर में बुधवार को नौवें तीर्थंकर भगवान पुष्पदंत नाथ का जन्म कल्याणक महोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया। गोरखपुर, बाराबंकी, कोलकाता, मध्यप्रदेश, इंदौर, जयपुर, बहराइच सहित अन्य जगहों से पहुंचे जैन समाज के जत्थे ने भगवान के जन्म जयंती पर पहले सर्वोषधि से उनका अभिषेक किया। फिर अष्ट द्रव्य से पूजन-अर्चन किया गया। इस दौरान जय जितेंद्र के जयघोष से मंदिर परिसर गूंजता रहा। दिनभर भजन-कीर्तन सहित सांस्कृतिक कार्यक्रम चलता रहा।
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नौवें तीर्थंकर भगवान पुष्पदंत नाथ की जन्म स्थली होने से खुखुंदू का नाम पूरे विश्व में विख्यात है। तकरीबन डेढ़ दशक पूर्व बना विशालकाय मंदिर और उसमें स्थापित भगवान पुष्पदंत नाथ की ऊंची प्रतिमा जैन धर्मावलंबियों के लिए हमेशा आकर्षण का केंद्र बना रहता है। मगसिर शुक्ला प्रतिपदा एकम के दिन जन्में नौवें तीर्थंकर भगवान पुष्पदंत नाथ की जन्म जयंती पर प्रत्येक साल समाज के लोग बड़ी संख्या में यहां पहुंचकर भगवान की जयंती बड़े धूमधाम से मनाते हैं।
भगवान के जन्म कल्याणक महोत्सव में बुधवार सुबह से ही समाज के अनुयायियों का मंदिर परिसर में आगमन शुरू हो गया था। सबसे पहले भगवान पुष्पदंत नाथ की प्रतिमा पर सर्वोषधि जल,इच्छु रस (गन्ना रस),देशी घी,दूध,दही, अंगुर,संतरा अनार रस, नारियल पानी,चंदन और सुगंधित जल आदि से भव्य पंचामृत अभिषेक किया गया। फिर अष्ट द्रव्य जल,चंदन,अक्षत, नैवेद्य, पुष्प,दीप,धूप,फल से विधि विधान पूर्वक पूजन-अर्चन किया गया।
इसके बाद चंदन,केसर,फूल, पुष्प वृष्टि से मंगल आरती कर अंत में शांति धारा से फिर अभिषेक कर जन्म कल्याणक महोत्सव मनाया गया। इस दौरान मध्यप्रदेश, इंदौर, सिवान, दिल्ली, राजस्थान, जयपुर गोरखपुर,कसया , दरौली, कोलकाता, खलीलाबाद, कसया सहित अन्य जगहों से बड़ी संख्या में समाज का जनसैलाब उमड़ा था। मंदिर परिसर में दिनभर भंडारा भी चलता रहा। कार्यक्रम में प्रबंधक/पुजारी बसंत लाल जैन, रोहित जैन,जितेन्द्र जैन,गोदा जैन देवेन्द्र जैन, मंजू पहाड़ियां,रौनक बिलाला, दीप्ति पाटौदी, कविता पाटौदी, सुधीर जैन,प्रेमचंद जैन, सिध्दार्थ जैन,शुकुमाल जैन और डाक्टर मनोज जैन सहित अन्य उपस्थित रहे।
प्राचीन मंदिर से पहले निकाली गई झांकी, फिर मनाई जयंती
भगवान पुष्पदंत नाथ के जन्म कल्याणक महोत्सव में पहुंचे समाज के लोगों ने पहले प्राचीन मंदिर में स्थापित नौवें तीर्थंकर की प्रतिमा सिर पर लेकर मनमोहक झांकी निकाली। इस दौरान जय जितेंद्र का जयघोष लगता रहा। झांकी में स्थानीय गांव सहित आस-पास के लोग भी शामिल रहे।
भगवान की दो चमकती प्रतिमाएं जैन समाज की झांकी की शोभा बढ़ा रही थी। पैदल निकाली गई झांकी में समाज के अनुयाई आगे-आगे भगवान की प्रतिमाएं सिर पर लिए चल रहे थे। झांकी प्राचीन मंदिर से होते हुए नए मंदिर परिसर में घुमाई गई। इसके बाद भगवान पुष्पदंत नाथ की ऊंची मनमोहक प्रतिमा के पास रखकर पूजन अर्चन किया गया। फिर पुनः दोनों प्रतिमाएं प्राचीन मंदिर में स्थापित कर दी गई।
आरती के बाद कार्यक्रम का हुआ समापन
खुखुंदू। नौवें तीर्थंकर के जन्म जयंती पर सायंकाल भगवान की देशी घी के 101 दीपों से आरती कर कार्यक्रम का समापन हुआ। मंदिर के प्रबंधक और पुजारी बसंत लाल जैन ने बताया कि भगवान के जन्म कल्याणक महोत्सव पर दो दिन पहले से ही समाज के लोगों का आना जाना शुरू हो गया था जो देर शाम तक चलता रहा। आरती के बाद उपस्थित लोगों में प्रसाद वितरण कर कार्यक्रम का समापन हुआ।