लार। दो वर्ष पहले हुई शिकायतों की जांच का सत्यापन करने पहुंची लोकायुक्त की टीम ने नगर पंचायत के अलग-अलग वार्डों में हुए विकास कार्यों की चार घंटे तक बारीकी से जांच की। इस दौरान संबंधित विभाग के जेई से पूछताछ कर बयान दर्ज किया। इसकी रिपोर्ट तैयार कर लोकायुक्त को प्रेषित करेगी। खामियां मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान नगर पंचायत कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल रहा। लार के चौक वार्ड निवासी धुरेन्द्र सिंह ने दो वर्ष पूर्व नगर पंचायत में हुए विकास कार्यों में अनियमितता का आरोप लगा चार बिंदुओं पर लोकायुक्त की जांच कराने की मांग की थी।
मामले को संज्ञान में लेते हुए लोकायुक्त ने मुख्य अन्वेषण अधिकारी त्रिपुरारी मिश्रा, सहायक अधिकारी आयुष मणि त्रिपाठी को जांच कर सत्यापन का निर्देश दिया। मंगलवार को दस बजे एसडीम सलेमपुर दिशा श्रीवास्तव एसडीएम देवरिया सहित अन्य अधिकारियों के साथ दोनों जांच अधिकारी लार पहुंचे। कब्रिस्तान के पास हुए दो नाला निर्माण का जांच की।
इसके बाद इंद्रानगर वार्ड में दयाशंकर सिंह के कटरा के समीप बने नाले का निरीक्षण किया। पुराना पोस्ट आफिस के समीप मंदिर की भूमि पर आवास बनाए जाने की जांच किया। साथ ही शिकायतकर्ता का बयान दर्ज किया। रिपोर्ट तैयार कर लोक आयुक्त के समक्ष फाइल प्रस्तुत करेगी।
सूत्रों की मानें तो कुछ निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार उजागर होने की आशंका है। खामियां मिलने पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। उधर जांच के बाद से संबंधित ठेकेदारों में हड़कंप मचा हुआ है। टीम ने शिकायतकर्ता का बयान दर्ज किया। रिपोर्ट तैयार कर लोक आयुक्त के समक्ष फाइल प्रस्तुत करेगी। इसके बाद ठेकेदारों में हड़कंप मचा हुआ है। सहायक अधिकारी आयुष मणि त्रिपाठी ने बताया कि दो वर्ष पूर्व शिकायत की गई थी। जांच कर सत्यापन किया गया है। इसकी रिपोर्ट लोकायुक्त के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। खामियां मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।