- जड़ी यूपी-बिहार बॉर्डर इलाके में शराब तस्करी से बनाया था दबदबा, कमाई थी अकूत धन संपत्ति
- शराब तस्करी में बिहार के अलावा सलेमपुर और भाटपार रानी तहसील की महिलाएं भी सक्रिय
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। अजित सिंह उर्फ जड़ी सिंह की भले ही हत्या हो गई है, मगर अब भी बिहार में शराब तस्करों के बीच उसके नाम का दबदबा है। विरोधी खेमे के तस्कर उसके नाम पर शराब की तस्करी बेधड़क कर रहे हैं। तस्कर यूपी-बिहार बाॅर्डर की महिलाएं और युवाओं का उपयोग शराब की खेप बिहार भेजने में कर रहे हैं। हाल ही में पुलिस ने कुछ महिलाओं को शराब के साथ गिरफ्तार किया था।
जानकारी के अनुसार, बनकटा थाना क्षेत्र के जंजीरहा गांव निवासी अजित सिंह उर्फ जड़ी सिंह की 31 अक्तूबर 2024 को दीपावली की रात सोहनपुर बाजार में जुआ खेलने के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में प्रमोद सिंह, राजेश सिंह उर्फ पिंटू सिंह, राजू चौरसिया, अखिलेश उर्फ दरोगा कुशवाहा तथा कुछ अज्ञात पर केस दर्ज किया गया था। पुलिस आरोपी प्रमोद सिंह, मकान मालिक पंकज जायसवाल और मामले में लाइनर की भूमिका निभाने के आरोपी दीपक उर्फ टमाटर और प्रदीप मद्धेशिया को गिरफ्तार कर चुकी है।
हत्याकांड को अंजाम देने के आरोपी दोनों शूटर राजू चौरसिया और अखिलेश कुशवाहा बिहार के हाजीपुर जेल में शराब तस्करी के मामले में बंद हैं। पुलिस दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर चुकी है, जबकि राजेश सिंह उर्फ पिंटू का नाम विवेचना के दौरान निकाल दिया गया था। पुलिस की जांच में सोहनपुर निवासी अंकित गोंड का नाम प्रकाश में आया था।
पुलिस ने अंकित गोंड को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो छह और लोगों के नाम सामने आए। इसके बाद पुलिस छह आरोपियों का नाम केस में बढ़ाकर उनकी गिरफ्तारी की कोशिश कर रही है। इस मामले में कुछ दिन पहले एसपी विक्रांत वीर के नेतृत्व में कठघरा निवासी एक आरोपी के घर पर छापा मारा गया था, मगर आरोपी पकड़ में नहीं आया।
अजीत सिंह उर्फ जड़ी तीन भाइयों में सबसे छोटा था। बिहार में शराब बंदी के बाद कम समय में ही र्गैग बनाकर अजीत ने स्थानीय युवाओं को जोड़कर शराब तस्करी का बेताज बादशाह बन गया। रुपये की हनक और युवाओं में लोकप्रियता के बल पर ग्राम प्रधान बन गया। जड़ी सिंह के नाम पर तस्कर आज भी बिहार में महिलाओं और युवाओं को आगे कर यूपी से बिहार में शराब की खेप भेजवा रहे हैं।
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भाटपार रानी तहसील में दर्जनों रास्ते से होती है शराब तस्करी
भाटपार रानी तहसील बिहार सीमा से तीन तरफ से घिरा है। तहसील क्षेत्र के दक्षिण-पूरब में बिहार जाने के लिए सोहगरा धाम, महुजा, अमरीचक, बासो पट्टी, प्रतापपुर, बंकुल घाट, मिश्रौली कमल राय का टोला, परगसहा, गोबरही, भवानी छापर से जगदीशपुर कोठी होते और उत्तर दिशा में बड़का गांव, लामीचौर होते बिहार जाने के रास्ते हैं। यह सभी गांव की पगडंडियों से होकर सीधे बिहार में प्रवेश करते हैं।
इसके अलावा उत्तर में चकिया कोठी से होकर राजपुर, कटहरिया, सिरसिया, खेमीपुर, परपतही, परोहा, बीरमापट्टी, पाखोपाली, निशानियां, कुकुर घाटी और घाटी से होकर बिहार चले जाते हैं। इन रास्तों पर पुलिस का कहीं भी पहरा नहीं है। भाटपार रानी और सलेमपुर क्षेत्र के युवा और महिलाएं पूरी रात बाइक और कहीं-कहीं चार पहिया वाहनों से शराब की खेप बिहार पहुंचाती हैं। भटनी-छपरा रेलखंड पर स्थित नोनापार, भाटपार रानी, बनकटा स्टेशनों से ट्रेनों के माध्यम से भी शराब की तस्करी की जाती है। इसमें भी बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं।
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कोट
शराब तस्करी की शिकायत पर बॉर्डर क्षेत्र पर लगातार पुलिस निगरानी कर रही है। यदि तस्करी हो रही है तो जांच कराई जाएगी। तस्करों और संरक्षण देने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
-एसपी सिंह सीओ, भाटपार रानी