-रजिस्ट्रेशन, डाॅक्टर को दिखाने और जांच के लिए खड़े रहना पड़ता लाइनों में
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। गर्मी और उमस ने सबको परेशान कर रखा है। मंगलवार को मेडिकल कॉलेज में मरीजों और तीमारदारों की भीड़ लगी थी। हर जगह लाइन लगी हुई थी। बैठने तक की सीटें नहीं थीं। मरीज और तीमारदार जमीन पर बैठकर अपना नंबर आने का इंतजार कर रहे थे। मरीज का साथी लाइन में लग कर पर्ची कटवा रहा था, तो कोई जांच की लाइन में खड़े होकर नंबर लगा रहा था। हर तरफ लाइन और भीड़ थी। महिलाएं, पुरुष, बच्चे और बूढ़े सभी लाइन में लग कर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।
वहीं मेडिकल कॉलेज में गर्मी में पेयजल के समुचित इंतजाम नहीं है। पेयजल के लिए लगे वाटर कूलर ठंडा पानी देने के बजाए सामान्य दे रहे हैं। शीतल पेयजल के लिए परेशान होना पड़ता है या फिर बोतल वाला पानी खरीदना पड़ता है। भर्ती मरीजों के तीमारदारों को पानी के लिए पैदल चलकर पानी लाना पड़ है, जबकि कर्मचारियों को घर से लाए पानी से प्यास बुझानी पड़ती है। वहीं बैठने की व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं है। तीमारदारों के लिए बना स्थान खुला होने के कारण गर्म हवा के चलते दिक्कत होती है।
पहले रजिस्ट्रेशन के लिए लाइन
मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में बैठने की जगह नहीं होने के कारण मरीज और उनके साथ आए परिजन फर्श पर बैठे थे। ओपीडी के अंदर जाते ही रजिस्ट्रेशन काउंटर पर चार अलग-अलग लाइनें लगीं हुईं थी। कुछ मरीज वहां लगी कुर्सियों पर बैठे थे। जिनको जगह नहीं मिली वह लोग खड़े थे अंदर फर्श पर बैठे थे। रजिस्ट्रेशन की लाइन में लगे लोग गमछे और रुमाल से पसीना पोछते हुए अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे थे।
डाॅक्टर को दिखाने के लिए लगी थी लंबी लाइन
डाॅक्टर को दिखाने के लिए मरीज और तीमारदारों की लंबी लाइन लगी हुई थी। इसमें बूढ़े, बच्चे और महिलाएं भी लाइन में लगी थीं। जो खड़े-खड़े थक गए थे। वह अपनी जगह पर बैठ गए थे। कुछ लोग अपने साथ आए लोगों को लाइन में लगाकर वहीं बगल में नीचे बैठकर आराम कर रहे थे। यह स्थिति सारे विशेषज्ञ डाॅक्टरों के कक्ष के बाहर थी।
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जांच के लिए भी दो लाइन
डाॅक्टर को दिखाने के बाद जब जांच की बारी आई तब भी मरीज और उनके साथ आए तीमारदारों को दो अलग-अलग लाइनों में खड़ा होना पड़ा। यहां एक लाइन सैंपल देने के लिए लगी थी, जबकि वहीं बगल में दूसरी लाइन जांच रिपोर्ट लेने के लिए लगी थी। इस गर्मी और उमस में काफी इंतजार के बाद लोगों का नंबर आया।
वाटर कूलर बंद, मरीज परेशान
पारा बढ़ रहा है। भीषण गर्मी से लोग परेशान हैं। प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग भी गर्मी से बचने के लिए लोगों को जागरूक कर रहा है। सावधानी बरतने के साथ शुद्ध पेयजल का अधिक सेवन करने की सलाह दे रहा है। पर महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में पेयजल के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। छह स्थानों पर वाटर कूलर लगा है। जो दवा वितरण काउंटर के पास, ओपीडी के बाहर, एमसीएच विंग स्थित महिला अस्पताल के बाहर, पीआईसीयू के पास व ओपीडी के दूसरी मंजिल पर सर्जिकल वार्ड के बाहर लगा है। इसमें दवा वितरण काउंटर के पास ऑयल एंड नेचुरल गैस कार्पोरेशन लिमिटेड के सौजन्य से लगा आरओ प्लांट लोगों की प्यास नहीं बुझा पा रहा है। यहां बूंद-बूंद पानी टपकता है। इसके पास जाकर लोग प्यासे लौट जाते हैं। इमरजेंसी, ओपीडी के बाहर लगे आरओ से ठंडा के बजाए सामान्य पानी निकलता है। एमसीएस विंग और पीआईसीयू के पास लगे आरओ से हल्का ठंडा पानी निकलता है, जबकि सर्जिकल वार्ड के पास लगा वाटर कूलर बंद पड़ा है। यहां से तीमारदारों को मायूस होकर लौटना पड़ता है।
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गर्म हवा के थपेड़े से तीमारदारों को दिक्कत
मेडिकल कॉलेज में आने वाले तीमारदारों के बैठने के लिए टीन शेड बना है। वह चारों तरफ से खुला है। तेज गर्म हवा चलने से उसमें बैठने में दिक्कत होती है। धूप से बचाव तो हो जाता है, लेकिन हवा चलने पर लोग वहां बैठना मुनासिब नहीं समझते हैं, जबकि अंदर मात्र 25-30 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। इससे लोगों को परेशानी होती है।
वर्जन
मरीजों की संख्या बढ़ने से मंगलवार को मरीजों और तीमारदारों को असुविधा हुई है। हमारे यहां जितने संसाधन है उसी में हम बेहतर करने की कोशिश करते हैं। सुविधाओं को बढ़ाने के लिए प्रधानाचार्य से बात हुई है। जल्द और सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।
-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस