सलेमपुर। तहसील प्रशासन ने अनुशासनहीनता और शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर सख्त रुख अपनाते हुए एक लेखपाल को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा लेखपाल धीरेन्द्र कुमार और शशिकांत यादव पर भी क्षेत्र में नहीं रहने तथा अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी करने विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
भटनी में तैनात लेखपाल समीर सिद्धार्थ को 26 मई को तहसील सभागार में आयोजित फाॅर्मर रजिस्ट्री एवं अंश निर्धारण कार्यों की समीक्षा बैठक में बुलाया गया था। बैठक के दौरान तहसीलदार ने उन्हें क्षेत्र में जाकर फाॅर्मर रजिस्ट्री कराने के निर्देश दिए थे। आरोप है कि उन्होंने अधिकारियों से बहस ली।
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम दिशा श्रीवास्तव ने तहसीलदार से प्रकरण की रिपोर्ट मांगी। तहसीलदार की रिपोर्ट में लेखपाल समीर सिद्धार्थ पर राजस्व कार्यों में लापरवाही, उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना, अनुशासनहीनता तथा शासकीय दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता सहित कई आरोप लगाए गए। रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम ने तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उन्हें रजिस्ट्रार कानूनगो (भू-लेख) कार्यालय सलेमपुर से संबद्ध किया गया है, जहां उन्हें प्रतिदिन अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।
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कोट....
शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, आदेशों की अवहेलना अथवा अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी के साथ करना होगा। शिकायतों और रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है तथा जांच के बाद आगे भी आवश्यक कदम उठाए जागेंगे।
- दिशा श्रीवास्तव, एसडीएम सलेमपुर