देवरिया। जिले में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें सभी तहसीलों में अधिकारियों ने लोगों की समस्यायें सुनी और समाधान के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने भाटपार रानी तहसील में लोगों की समस्या सुनी। अतिक्रमण के एक मामले की सुनवाई करते हुए डीएम ने लेखपाल को फटकार लगाते हुए सस्पेंड करने की दी चेतावनी दी।
इससे अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। इभाटपार रानी संवाद के अनुसार तहसील सभागार में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी 9:45 बजे ही तहसील सभागार में पहुंच गए। इस दौरान अभी कई विभागों के अधिकारी नहीं पहुंचे थे।
डीएम ने ग्राम बंगरा बाजार में सरकारी भूमि पर वर्षों से कुछ लोगों द्वारा नाद खूंटा, कटरैन, झोपड़ी खोंप आदि रख लेने हैं तथा फरियादी अरविंद कुमार की शिकायत पर कार्यवाही नही होने पर हल्का लेखपाल अंशुमान पांडेय को जिलाधिकारी ने कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल भूमि खाली करवाने का सख्त निर्देश दिया।
डीएम ने कार्रवाई नहीं होने पर लेखपाल को सस्पेंड कर देने की चेतावनी दी। इस बार भी राजस्व विभाग और विद्युत विभाग के ही अधिकतर मामले छाए रहे। इस दौरान कुल 152 शिकायती पत्र आए। डीएम ने मौके पर 13 का निस्तारण कर दिया। आए अन्य शिकायती पत्रों मे राजस्व के 46, पुलिस 43, विकास 19, अन्य 44 सम्मिलित रहे। भाटपार रानी नगर के अमित जायसवाल ने पोर्टल पर दर्ज शिकायतपत्र की तहसील द्वारा फर्जी रिपोर्ट लगाने, लाखोंपार के अनिल गोंड़ ने अपने दरवाजे पर एक वर्ष से गांव के ही कुछ लोगों द्वारा नाली रोक दिए जाने व जलजमाव होने के मामले मे प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।
पिपरा विट्ठल व सोहनपार के शिवाजी सिंह ने अपनी भूमि पर मकान और बाउंड्री नहीं होने देने की शिकायत किया। बखरी के राजेश कुमार, भोतपुरा के राधेश्याम, छोटका गांव के रमेश व नरेश ने बताया कि वह अपनी भूमि के मामले को लेकर छह बार से अधिक संपूर्ण समाधान दिवस में आ चुके हैं परंतु अभी तक निस्तारण नहीं हुआ।
इस दौरान एसपी अभिजीत आर शंकर, सीओ मनोज कुमार, एसडीएम दीपराज सिंह, तहसीलदार प्रभारी अभिजीत प्रताप सिंह अादि माैजूद रहे।