जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की रिहाई की मांग को लेकर वामपंथी संगठनों ने प्रदर्शन किया। पटियाला हाउस कोर्ट की न्यायिक जांच कराने की मांग की। उनका कहना था कि सरकार के इशारे पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला किया जा रहा है। राष्ट्रपति को संबोधित मांगपत्र एसडीएम को दिया।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, अखिल भारतीय किसान सभा और अखिल भारतीय नौजवान सभा से जुड़े लोग बृहस्पतिवार को सुभाष चौक पर एकत्र हुए। इसके बाद सरकार विरोधी नारेबाजी की।
इसके बाद जुलूस की शक्ल में सिविल लाइंस में पहुंचें। कचहरी चौराहा होते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में गए। यहां पर सभा शुरू कर दी। आनंद प्रकाश चौरसिया ने कहा कि जंग-ए-आजादी की लड़ाई में जिनका कोई योगदान नहीं है, वे लोग आज देशप्रेमी हो गए हैं।
अब भी जिस दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एक अपराध में बंद हो जाता है। जेल में ही उसकी मौत हो जाती है। उस दल और उसको राष्ट्रभक्त कहा जाता है।
एआईएसएफ ने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया है। आज उसी छात्र संगठन के अध्यक्ष को देशद्रोही साबित करने की कोशिश की जा रही है। इससे भाजपा का असली चेहरा उजागर हो गया है।
सभा को कमला यादव, कमलेश चौरसिया, आकिल नफीस, सत्यदेव यादव, रामजी चौहान, डॉ. अदालत, उमेश वर्मा, विकास, कमरुन्निसा, सीताराम आदि मौजूद रहे।