सिविल लाइंस रोड पर प्रदर्शन करते अधिवक्ता। संवाद
देवरिया। जिले में मंगलवार को अधिवक्ताओं ने अधिवक्ता संसोधन बिल का विरोध करते हुए प्रदर्शन और नारेबाजी की। मंगलवार को दीवानी न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं की हुई। इसमें विधि व्यवसाय पर कुठाराघात रोकने की मांग की गई। ऐसा होने पर सरकार नुकसान होने और सरकार को उसकी भरपाई न होने की चेतावनी दी गई। डिस्टि्रक्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सुभाष चंद्र राव ने कहा कि अधिवक्ता अधिनियम 1961 में संशोधन के प्रस्ताव को सरकार ने वापस नहीं लिया है। सुझाव लेना वापस किया है। अधिवक्ता किसी अंधकार में नहीं रहने वाले हैं। इस दौरान अरविंद कुमार, सुबाष मिश्र महात्मा, सुशील कुमार मिश्र, अरविंद साहनी, काजी मो. आमीर, जटाशंकर सिंह आदि मौजूद रहे।
सदर तहसील बार एसोसिएशन की बैठक मंगलवार को डॉ. राजेंद्र प्रसाद भवन में हुई। इसमें केंद्र सरकार के अधिवक्ता संशोधन बिल 2025 का विरोध किया गया और उसे वापस लेने की मांग की गई। इसके बाद प्रदर्शन किया। इसे लेकर एसडीएम व ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। अध्यक्ष सामंत कुमार मिश्र, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश कुमार शाही, मंत्री अजय कुमार द्विवेदी, उपाध्यक्ष राजाराम, संयुक्त सचिव सुनील कुमार चौहान, रविंद्र कुमार यादव, सूरज यादव आदि मौजूद रहे।
एआरटीओ कार्यालय बंद कराया
जिला ट्रांसपोर्ट बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं ने मंगलवार को अपनी आवाज बुलंद की। अध्यक्ष रामप्रवेश सिंह के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने अधिवक्ता संशोधन विधेयक के विरोध में एआरटीओ कार्यालय बंद कराया और प्रदर्शन किया। इस दौरान अध्यक्ष रामप्रवेश सिंह, यतींद्र मणि, अखिलेश्वर मणि, शिव कुमार मल्ल, अजय चंद, प्रवीण गुप्ता, ओमप्रकाश शर्मा आदि मौजूद रहे।