संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। राष्ट्रीय पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक अधिवक्ता संघ ने बुधवार को शहर में प्रदर्शन किया। कलक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। अधिवक्ता जस्टिस बीआर गवई के ऊपर जूता फेंकने के विरोध में सड़क पर उतरे थे।
अध्यक्ष अधिवक्ता ओम प्रकाश यादव के नेतृत्व में अधिवक्ताओं का समूह सुभाष चौक पर एकत्रित होकर विरोध जताया। इसके बाद पैदल मार्च करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचा। यहां जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंप जूता फेंकने वाले अधिवक्ता पर कार्रवाई की मांग किया।
अधिवक्ताओं ने कहाकि छह अक्तूबर को मुख्य न्यायधीश बीआर गवई सुनवाई कर रहे थे, उसी समय एक सिरफिरा अधिवक्ता मुख्य न्यायाधीश के ऊपर जूता उछालने की कोशिश करते पकड़ा गया।
उन्होंने कहाकि एक अधिवक्ता ने आवेश में आकर एक सोची समझे षड्यंत्र के तहत मुख्य न्यायमूर्ति के ऊपर हमला किया है। यह कोशिश अत्यंत शर्मनाक दुखद व दुर्भाग्यपूर्ण है। यह हमला किसी व्यक्ति पर हमला नहीं है, यह हमला सुप्रीम कोर्ट पर हमला है।
यह हमला न्याय के मंदिर पर हमला है। यह हमला भारत के लोकतंत्र पर हमला है। न्यायमूर्ति पर हमले की कोशिश भारत ही नहीं बल्कि विश्व के अधिवक्ताओं को शर्मसार किया है, जो बेहद चिंताजनक है। जिसकी जितनी निंदा की जाए वह कम है।
उन्होंने कहाकि भारत के सर्वोच्च न्यायालय में एक अनुसूचित जाति का व्यक्ति सर्वोच्च पद पर पदासीन है, उसको कुछ लोग बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं, जो राष्ट्र की एकता व अखंडता में बाधक है।
कहा कि देश में जहां कहीं भी ऐसे कृत्य हो या करने कि कोशिश कोई करे, तो उसके विरुद्ध तत्काल मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही करें और उसको तत्काल जेल भेजें। इस अवसर पर वीरकेश्वर गौतम, नदंलाल प्रसाद, नरेंद्र यादव, विनोद कुमार आदि माैजू रहे।