लखनऊ में वकील की हत्या के विरोध में दीवानी न्यायालय के अलावा तहसीलों में वकीलों ने न्यायिक कार्य नहीं किया। कई तहसीलों में वकीलों ने विरोध प्रदर्शन किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र तहसील और जिला प्रशासन को दिया।
बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के निर्देश पर और जिला अधिवक्ता संघ के आह्वान पर दीवानी न्यायालय के वकीलों ने बैठक की। इस दौरान वकीलों ने न्यायिक कार्य नहीं करने का निर्णय लिया।
वकीलों ने कहा कि लखनऊ में हाईकोर्ट के वकील श्रवण कुमार, इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकील दीपचंद्र शुक्ल और हमीरपुर के वकील अशोक अहिर की हत्या के जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
अध्यक्ष शिवपूजन सिंह ने कहा कि प्रदेश में खराब कानून व्यवस्था के कारण अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं। सचिव अनिल सिंह ने कहा कि पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था लचर है।
पूर्व अध्यक्ष सुभाष चंद्र राव ने पीड़ित परिवारों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की मांग की। सीएम को संबोधित मांगपत्र डीएम के माध्यम से भेजा गया।
इस मौके पर पूर्व अध्यक्ष श्रीराम तिवारी, सिंहासन गिरी, शेषनाथ तिवारी, लल्लन मिश्र, कौशल किशोर पांडेय, सुशील मिश्र, दीपक मिश्र, लोकनाथ, अमरेश तिवारी, मनोज मिश्र, संदीप पाल आदि मौजूद रहे।