लार कांड को लेकर कचहरी चौराहे पर सड़क जाम कर वकीलों ने प्रदर्शन कर विरोध जताया।
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देवरिया। लार कांड में वकील धर्मेंद्र मिश्र समेत अन्य लोगों पर दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग को लेकर वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा। मंगलवार को कचहरी चौराहा पर करीब सवा घंटे तक जाम लगाया। विरोध को देखते हुए पीएसी और पुलिस वाले दूर रहे। जिला अधिवक्ता संघ ने आम सभा में अफसरों को घेरने की रणनीति तय की। ऐलान किया कि बुधवार को कलेक्ट्रेट और तहसीलों में अफसरों को घुसने नहीं दिया जाएगा।
जिला अधिवक्ता संघ और कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के आह्वान पर वकीलों का छठवेे दिन भी आंदोलन जारी रहा। वकीलों ने कचहरी चौराहे पर देवरिया-गोरखपुर मार्ग पर करीब 11.20 बजे ट्रक को रोककर एक तरफ सड़क बंद कर दिया। दूसरे तरफ बैरिकेटिंग कर आवागमन रोक दिया। वकीलों के तल्ख तेवर देखकर पीएसी और पुलिस के जवान खिसक लिए। वकीलों ने कहा कि जिला प्रशासन का रवैया हैरान करने वाला है।
जिलाधिकारी की चुप्पी समझ से परे है। प्रशासन के गलत निर्णय से लार में बवाल हुआ। अफसरों ने निर्दोषों और वकील धर्मेंद्र मिश्र पर फर्जी मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। यदि प्रशासन बिना शर्त मुकदमा वापस नहीं लेता है तो आंदोलन जारी रहेगा। करीब 12.30 बजे वकीलों ने सड़क जाम खुद खत्म कर दिया। एक बजे से दीवानी न्यायालय परिसर में अधिवक्ता संघ भवन में आमसभा की।
निर्णय लिया कि बुधवार को कलेक्ट्रेट और जिले के सभी तहसीलों में अधिवक्ता अफसरों को घेरेंगे। इस मौके पर अध्यक्ष सिंहासन गिरी, मंत्री मनोज मिश्र, बृजबांके तिवारी, राणा प्रताप सिंह, लल्लन मिश्र, श्रीराम तिवारी, सुभाष चंद्र राव, सूर्य नारायण शर्मा, कौशल किशोर पांडेय, सुरेंद्र त्रिपाठी, सुशील, दिनेश पांडेय, अशोक सिंह, पंकज पाठक आदि मौजूद रहे।