एसएसबीएल इंटर कॉलेज में राम-रावण युद्ध का मंचन करते कलाकार।
- फोटो : अमर उजाला
देवरिया। सोमवार को नौ दिवसीय रामलीला का सोमवार को आखिरी दिन था। एसएसबीएल इंटर कॉलेज के मैदान में लगे मेले में लोगों की भीड़ उमड़ी। राम-रावण युद्ध का मंचन शुरू हुआ। जिसका इंतजार लोगों को था, वह पल आखिर आ ही गया। राम ने रावण का वध कर दिया। लोग राम के जयकारे लगा रहे थे। पुलिस अधीक्षक मोहम्मद इमरान ने पटाखे से रावण का पुतला जलाया।
देर शाम रामलीला मैदान में आगे की लीला का मंचन किया गया। जहां राम ने विभीषण को लंका का राजा बनाया। राजा विभीषण ने जानकी को सम्मान के साथ राम के पास भेजा। राम ने जानकी की अग्निपरीक्षा ली। पुष्पक विमान से सभी लोग अयोध्या आते हैं, जहां राम भरत मिलाप होता है। पूरे अयोध्या में खुशियां मनाई जाती हैं। दीप जलाए जाते हैं और बधाइयां बजती हैं।
तीन माताओं और गुरु के आशीर्वाद से राम को राजा बनाया जाता है। शिवा लोक कल्याण समिति के निदेशक आलोक राठौर, निर्माता नरेंद्र और सहयोगी कलाकारों को उत्कृष्ट मंचन और रविकांत, आशुतोष, सौरभ श्रीवास्तव को समिति ने सहयोग के लिए सम्मानित किया।
अध्यक्ष अरुण बरनवाल, मंत्री निखिल सोनी, कमलेश मित्तल, शिवजी सर्राफ, राजेंद्र जायसवाल, हीरालाल वर्मा, सुभाष मद्धेेशिया, श्रीचंद्र गोरे, श्याम मनोहर जायसवाल, कंचन बरनवाल, डॉ. धीरेंद्र मणि, आनंद जायसवाल आदि मौजूद रहे।