रुद्रपुर, देवरिया। फतेहपुर गांव में जमीन के विवाद में सामूहिक हत्याकांड के बाद एंटी भू माफिया पोर्टल पर करीब 500 शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं। जनपद की गली-गली से भू माफिया की शिकायत मिल रही है। प्रशासन भू माफिया पर सख्ती की तैयारी में है। हर गांव में सार्वजनिक जमीनों पर कब्जा करने वालों की सूची तैयार की जा रही है। इसके बाद राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम कार्रवाई करेगी। जिसके लिए एंटी भू माफिया पोर्टल पर दर्ज लोगों के अलावा नई शिकायतों के आधार पर दबंगों को चिह्नित करने का काम किया जा रहा है।
दो अक्टूबर को फतेहपुर के लेड़हा टोले पर जमीन के विवाद में छह लोगों की हत्या के बाद तीन अक्टूबर को शासन की ओर से एंटी भू माफिया पोर्टल पर दर्ज लोगों की शिकायतों पर कार्रवाई कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन गांवों में सरकारी जमीनों पर कब्जा जमाए लोगों की सूची तैयार कर रहा है। क्षेत्र के कुछ गांवों में जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकी लगाने को लेकर जमीन की तलाशी के दौरान सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण की शिकायत मिली है। इसमें रुद्रपुर सहित सभी तहसीलों के 525 लोगों ने शिकायतें दर्ज कराई हैं। गांवों में सरकारी जमीनों की पैमाइश कर अवैध कब्जेदारों की सूची बनाकर कार्रवाई की जाएगी। हल्का लेखपाल और बीट पुलिस की रिपोर्ट पर दबंगों का नाम भू माफिया पोर्टल पर दर्ज कर प्रशासन का डंडा चलेगा।
केस नंबर-एक
रुद्रपुर नगर से सटे रामचक स्थित ठाकुर मंदिर के नाम से 30 बीघा से अधिक जमीन है। मठ के नाम से एकौना थाना क्षेत्र के बेलवा दुबौली गांव में करीब सात बीघा जमीन है। रामचक और बेलवा दुबौली स्थित मठ की जमीनों पर कई दबंग कब्जा कर रखा है। रामचक गांव में बाकायदा मठ की जमीन पक्का निर्माण भी हो चुका है, हालांकि प्रशासन की तरफ से अब तक इस मठ एक बार बेलवा दुबौली में अतिक्रमण हटाया गया, जबकि रामचक गांव में मठ की जमीन पर कब्जा कर मकानों का निर्माण हो गया है। छपौली स्थित एक मठ की जमीन पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा बढ़ता जा रहा। दो गांवों में स्थित मठ की जमीन कागज में ही सिमट कर रह गई है, धरातल पर जमीन दबंगों के कब्जे में है। पौराणिक दुग्धेश्वरनाथ मंदिर के नाम से कई जमीनों पर भू माफियाओं का कब्जा है। तीस साल पहले मंदिरों की जमीनों के मालिकाना हक में कूट रचना कर बेच दिया गया।
-
केस नंबर-दो
- रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के सहबाजपुर निवासी मुन्ना यादव ने शिकायत की है कि गांव के खलिहान की भूमि पर कब्जा कर लिया गया है। 2018 से कब्जा हटाने का आदेश है, लेकिन अभी तक सरकारी जमीन पर से कब्जा नहीं हट सका है। इसके कारण लोगों को सरकारी जमीन का फायदा नहीं मिल पा रहा है। शिकायत करने पर धमकी भी दी जा रही है।