संवाद न्यूज एजेंसी
बनकटा। क्षेत्र के कई गांवों में लंपी वायरस का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। अब तक दर्जनों पशु इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। कुछ पशुओं के मौत की भी सूचना है। इससे पशुपालकों में दहशत का माहौल है।
क्षेत्र के रोहिनिया गांव निवासी विजेंद्र चौबे की गाय इस वायरस की चपेट में आकर दम तोड़ चुकी है। कन्हैया चौबे की भी गाय मरणासन्न अवस्था में है। गांव के ही धर्मनाथ कुशवाहा के तीन मवेशी, देवेंद्र चौबे की एक, लालबाबू की एक पशु भी वायरस से संक्रमित है। गांव के प्रधान ब्यास चौबे ने बताया कि काफी प्रयास के बाद शुक्रवार को फार्मासिस्ट गांव में आए और पशुओं का इलाज किया।
वहीं मुकुंदपुर गांव में एक नीलगाय की शुक्रवार की रात वायरस से मौत हो गई। ग्राम प्रधान ने जेसीबी से नीलगाय को गांव के बाहर दफनाने की व्यवस्था कराई। इनके अलावा गांव के कई अन्य पशुपालकों के मवेशी वायरस की चपेट में हैं। नोनार पांडेय गांव के मुकेश चौबे, रमजान अंसारी, कमलाकांत पांडेय, अवधेश गुप्ता सहित कई लोगों के पशु संक्रमित हैं। कतरवा गांव में गौतम गोड़ के दो मवेशी, जोगेंद्र गोड़, पृथ्वी यादव, नंदजी गोड़ आदि सहित कई किसानों के मवेशी लंपी से संक्रमित हो चुके हैं।
इसके अलावा गौरा, कुरमौली के अलावा अन्य कई गांवों में भी वायरस अपना पैर फैला रहा है। लोगों का कहना है कि पशु चिकित्सा विभाग लंपी वायरस के प्रति गंभीर नहीं है।