देवरिया। जिले के कई प्रमुख मार्गों पर रोडवेज बसों की भारी कमी के कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। देवरिया से तरकुलवा, पथरदेवा, बरियारपुर, महुआडही, हेतिमपुर समेत कई प्रमुख ग्रामीण मार्गों पर लोगों को टेंपो से ही आना जाना पड़ता है।
हेतिमपुर, गढ़रामपुर, तरकुलवा, पथरदेवा, देसही देवरिया, महुआडीह आदि क्षेत्रों के लोगों को तहसील व जिला मुख्यालय पर राजस्व संबंधी कार्यों के लिए देवरिया ही आना पड़ता है। ट्रेन पकड़ना हो या इलाज कराना हो, हर दिन देवरिया आने की मजबूरी है।
देवरिया से तरकुलवा मार्ग को फोरलेन की मंजूरी मिल गई है लेकिन इस रूट पर शाम पांच बजे के बाद बस नहीं चलती है। मजबूरी में लोगों को टेंपो से ही आना जाना पड़ता है।
ग्रामीण यात्रियों का कहना है कि कई रूटों पर दिन में एक-दो बसें ही दिखाई देती हैं। कई बार घंटों इंतजार के बाद भी बस नहीं आती, जिससे लोगों को मजबूरी में टैक्सी या टैंपो का सहारा लेना पड़ता है। टैक्सी और टेंपो का किराया रोडवेज बसों की तुलना में अधिक होने के साथ मनमानी होती है।
यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार भी होता है। इसके अलावा मानक से अधिक सवारी बैठाने पर टेंपो से हादसे भी होते हैं। छात्रों को समय पर स्कूल और कॉलेज पहुंचने में कठिनाई हो रही है। वहीं नौकरीपेशा लोगों को दफ्तर पहुंचने में देरी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण महिलाओं और बुजुर्गों के लिए यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है।
वहीं एआरएम कपिलदेव प्रसाद का कहना है कि देवरिया से तरकुलवा होते हुए कसया तक 30 बसें चलती हैं लेकिन शाम को सवारी नहीं मिलती है, इसलिए अधिकांश बसें दिन में ही चलती हैं।