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Deoria News: भवन निर्माण कराने वाले भवन मालिकों से श्रमिक उपकर की वसूली में जुटा श्रम विभाग

Fri, 27 Sep 2024 09:17 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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संवाद न्यूज एजेंसी
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देवरिया। अपने खाली भूखंडों पर आवासीय और व्यावसायिक भवन तथा बड़ी इमारतों का निर्माण कराने वाले अब श्रम विभाग के रडार पर है। दस लाख से अधिक राशि से होने वाले निर्माण कार्यों व कार्यदायी संस्था से श्रमिक उपकर यानि लेबर सेस वसूली के लिए विभाग लगा हुआ है। विभाग शहर के अलावा जिले में हो रहे निर्माण कार्याें पर अपनी पैनी नजर रखे हुए है। वहीं पीडब्ल्यूडी सहित विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य पर भी एक प्रतिशत उपकर वसूल रहा है। इस वित्तीय वर्ष में अभी तक विभाग 3.30 करोड की धनराशि सेस के रुप में वसूल चुका है।
जिले में श्रम विभाग की प्रारंभिक जांच में वर्ष 2009 के बाद से अब तक 10 लाख रुपए से अधिक की लागत से बन कर तैयार हुए हजारों ऐसे भवनों का निर्माण होना पाया है। जिन्होंने श्रमिक उपकर जमा नहीं कराया है।
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मामला सामने आने के बाद विभाग ने पूरे जिले में अभियान के तहत सर्वे कर भवन मालिकों को नोटिस जारी भवन निर्माण लागत की एक प्रतिशत श्रमिक उपकर राशि जमा कराने के आदेश दिए है। इनमें कई निजी अस्पताल, फ्लैट्स, कॉम्पलेक्स, होटल, निजी स्कूलों के भवन व बहुमंजिला बिल्डिंग मालिक शामिल है। विभाग की ओर से 2009 के बाद निर्मित आवासीय व व्यवसायिक भवनों पर बकाया लेबर सेस का मूल्यांकन करने के साथ नोटिस जारी कर वसूली की जा रही हैं। नोटिस मिलने के बाद कार्रवाई से डर से डेढ़ दर्जन भवन मालिकों ने लेबर सेस जमा करा दिए हैं। जिला श्रम प्रवर्तन अधिकारी के नेतृत्व में विभाग की टीमें ऐसे भवनों की तलाश में जुटी हैं।


वित्तीय वर्ष 13.51 करोड़ का लक्ष्य, अभी तक 3.30 करोड़ जमा हो चुका उपकर
अपने खाली भूखंडों पर आवासीय और व्यावसायिक भवन तथा बड़ी इमारतों का निर्माण कराने वाले भवन मालिकों व कार्यदायी संस्था से श्रम विभाग ने एक टारगेट निर्धारित किया है। इस वित्तीय वर्ष 2024-25 को ले जिले में श्रम विभाग ने 13 करोड़ 51 लाख 66 हजार 851 रुपए का लक्ष्य तय किया है। अभी तक 3 करोड 30 लाख 29 हजार 958 रुपए की वसूली हो चुकी है। अगस्त माह में 55 लाख 27 हजार रुपये उपकर के रुप में संग्रहित किया गया था। उक्त राशि लक्ष्य के सापेक्ष 24.43 प्रतिशत है।

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जिले को 500 भवनों का पंजीयन कर सेस जमा कराने का लक्ष्य

जिला श्रम विभाग कार्यालय को इस वित्तीय वर्ष 2024-25 में 500 अवासीय व व्यवसायिक भवनों को चिन्हित कर पंजीयन कराने का लक्ष्य मिला है। सितंबर माह तक विभाग ने करीब 202 घरों का पंजीयन करा उपकर यानि सेस की वसूली कर चुका है।

10 लाख तक के निर्माण पर छूट

भवन एवं अन्य संनिर्माण उपकर अधिनियम 1996 के तहत बनाए गए श्रमिक उपकर यानी लेबर सेस की वसूली के लिए नियम राज्य सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन में पहले से तय है। नियमों के तहत दस लाख रुपए तक के आवासीय निर्माण पर लेबर सेस देय नहीं है। श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने बताया कि दस लाख नीचे आवासीय भवन निर्माण कराने वालों से कोई राशि नहीं ली जाएगी।


10 लाख से अधिक के निर्माण पर लेबर सेस

विभाग की माने तो 10 लाख रुपए से अधिक के निर्माण पर संबंधित भवन मालिक को लागत का एक प्रतिशत श्रमिक उपकर (लेबर सेस) के रूप में देना होगा। निर्माण लागत की गणना से प्रति वर्गफीट की दर से की जाएगी।
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व्यवसायिक निर्माण में नहीं छूट का प्रावधान
व्यवसायिक निर्माण में पांच लाख रुपए या उससे कम लागत का निर्माण करता है तो भी लागत का एक प्रतिशत लेबर सेस जमा कराना अनिवार्य है। इसमें सिंगल फ्लोर, डबल फ्लोर, थर्ड फ्लोर के हिसाब से मूल्यांकन कर लेबर सेस तय किया जाता है।


स्कीपअप
श्रम विभाग द्वारा जनहित में बहुत सारी योजनाएं संचालित है। इन योजनाओं से आमलोगों को फायद भी मिल रहा है। मकान सहित अन्य व्यवसायिक निर्माण पर दस लाख का सेस लेने की जानकारी हुई है। यह अच्छी पहल है, लेकिन कई योजनाओं की जानकारी के अभाव आम जन को लाभ नहीं मिल पाता है।
विपिन दुबे, शिक्षक, दानोंपुर, देवरिया

श्रम विभाग की पहल सराहनीय है। इसमें दस लाख से नीचे आवासीय भवन निर्माण कराने वालों से उपकर नहीं लिया जा रहा है। विभाग को चाहिए कि कई महत्वपूर्ण योजनाएं जो जनहित जुड़ी है उसके बारे में भी आम लोगों के बीच जागरूकता फैलाई जाय। जानकारी के अभाव में कई योजना का पता नहीं चल पाता है।
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रवि यादव, दानोपुर, देवरिया

कोट
जिला श्रम प्रवर्तन अधिकारी शशि सिंह ने कहा है कि वर्ष 2009 के बाद से जिले में बने या फिर बन रहे दस लाख तक की लागत वाले निजी भवनों को छोड़कर अन्य भवनों के निर्माण लागत का एक प्रतिशत शेष वसूला जा रहा है। जिसकी व्यवस्था भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण उपकर अधिनियम,1996 के तहत की गई है।
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