देवरिया में आभूषण की दुकान से 32 लाख रुपये के सोना-चांदी के गहनों की लूट की घटना का पर्दाफाश होने के बाद, अब मुकदमे के वादी शहर कोतवाल अनुज कुमार सिंह होंगे। इस केस का वादी सूरज वर्मा, अब लूट का आरोपी बन गया है।
25 लाख रुपये की उधारी चुकता करने से बचने के लिए, उसने ही लूट की झूठी घटना की साजिश रची। उसकी साजिश में उसका भाई अजय वर्मा व दो अन्य युवक शुभम और अविनाश भी शामिल थे, मगर उनका भांडा फूट गया।
सदर कोतवाली के मलकौली गांव निवासी सूरज वर्मा की सदर कोतवाली के रुद्रपुर मार्ग पर लक्ष्मी नारायण मंदिर के पास आभूषण की दुकान है। 19 जनवरी की शाम को करीब साढ़े छह बजे सफेद रंग की बाइक से आए दो बदमाशों ने दुकान से 32 लाख रुपये के सोने-चांदी का जेवर लूट लिए थे। सोमवार को पुलिस ने घटना का पर्दाफाश करते हुए 13.50 लाख रुपये के जेवर बरामद कर तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया था।
लूट की तहरीर देने वाले सूरज और उसके भाई अजय वर्मा ने साजिश रचकर रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के गुदरी निवासी शुभम मौर्य और भलुअनी थाना क्षेत्र के सोनाड़ी निवासी अविनाश के साथ लूट की साजिश रची। मंगलवार को मुकदमे के वादी कोतवाल अनुज कुमार सिंह हो गए और भादवि की धारा 411 (चोरी का सामान खरीदना), 120 (आपराधिक साजिश) बढ़ा दी गई है। जबकि, मुकदमे की विवेचना कोतवाली से दूसरी जगह ट्रांसफर करने की तैयारी की जा रही है।
इसके साथ ही माल बरामद और आरोपी को पकड़ने वाली टीम के अगुवा सीओ श्रीयश त्रिपाठी, एसओजी प्रभारी अनिल कुमार, दरोगा गोपाल राजभर, सादिक परवेज, महेंद्र कुमार, संजय यादव, संदीप सिंह आदि मुकदमे में गवाह होंगे।