कोरोना संक्रमितों का अब जिले में ही होगा उपचार
जगह की कमी बताते हुए मेडिकल कॉलेज गोरखपुर ने नए मरीज लेने से किया मना
जिला मुख्यालय स्थित सेंट्रल एकेडमी और सलेमपुर के सेंटपाल स्कूल को बनाया गया एल वन कोविड-19 अस्पताल
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज द्वारा जगह की कमी बताते हुए जिले के कोरोना संक्रमितों को लेने से मना कर दिया गया है। ऐसे में अब संक्रमितों का उपचार जिले में ही होगा।
इसके लिए जिला मुख्यालय स्थित सेंट्रल एकेडमी और सलेमपुर के सेंटपाल स्कूल को एल वन कोविड-19 अस्पताल के रूप में विकसित किया गया है। दोनों को क्रमश: गौरीबाजार और परसिया चंदौर सीएचसी से संबद्ध किया गया है। दोनों ही स्थानों पर 250-250 मरीजों के उपचार की व्यवस्था रहेगी।
संक्रमित की स्थिति बिगड़ने पर उसे अन्य मरीजों से अलग संबंधित सीएचसी में ले जाया जाएगा। संक्रमितों का उपचार करने के लिए दस टीमें बनाई गईं हैं। इसमें 750 डॉक्टर और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी हैं। आठ टीमें सक्रिय और दो रिजर्व में रहेंगी। एक टीम में तीन टोली हैं। एक टोली में छह डॉक्टर समेत 25 स्वास्थ्य कर्मी शामिल हैं।
ऐसे में अब जिले में कोरोना संक्रमित मिलने के बाद पहले उन्हें सेंट्रल एकेडमी के क्वारंटीन सेंटर में रखा जाएगा और यहीं पर डॉक्टर इलाज करेंगे।
संक्रमितों का इलाज करने वाले स्वास्थ्यकर्मी घर नहीं जाएंगे
कोरोना संक्रमितों का इलाज करने वाले डॉक्टर और कर्मचारी होटलों में रहेंगे। इस दौरान वे घर नहीं जाएंगे। रेनूका होटल को पैसिव और अशोका होटल को एक्टिव स्थल बनाया गया है। 14 दिन तक इलाज करने के बाद 14 दिन तक टीम को पैसिव होटल में भेेज दिया जाएगा। संक्रमितों के इलाज में लगे एक भी डॉक्टर संविदा के नहीं हैं।
मेडिकल कॉलेज द्वारा स्थान का अभाव बताते हुए मरीज लेने से मना कर दिया गया है। ऐसे में अब मेडिकल कॉलेज गोरखपुर संक्रमित नहीं भेजे जाएंगे। अब जिले में ही इनका इलाज होगा। पहले पॉजिटिव मरीजों को सेंट्रल एकेडमी में भर्ती किया जाएगा।
- डॉ. आलोक पांडेय
सीएमओ