भटनी। बलुआ अफगान के डाक टोला में हंसनाथ की हत्या के मामले में 17 दिन बाद भी पुलिस हवा में तीर चला रही है। एसओजी और पुलिस टीम के जांच में अभी तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगे हैं। काफी प्रयास के बावजूद भी पुलिस ने अभी तक मृतक का गायब मोबाइल व उसका नंबर पता नहीं कर पाई है। इससे पुलिस के तमाम दावे खोखले साबित हो रहे हैं। इससे नाराज परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
पिता नागेंद्र नाथ तिवारी ने कहा कि अज्ञात हत्यारों ने निर्दोष बेटे की हत्या कर दी। उनको सजा दिलाने को जानना यह जरूरी है कि वह कौन लोग थे। पुलिस की जांच टीम की रफ्तार बहुत धीमी है ऐसे में अंदेशा है कि हत्यारे कहीं बच न जाएं। जितना विलंब होगा उतना हत्यारे पुलिस से दूर होते जाएंगे।
बलुआ अफगान के डाक टोला में 14 अक्तूबर की रात घोंठा पर सो रहे हंसनाथ उर्फ बिट्टू की अज्ञात बदमाशों ने धारदार हथियार से सिर पर प्रहार कर हत्या कर दी थी। मौके पर पहुंचे एसपी संकल्प शर्मा ने हत्यारों को पकड़ने के लिए एसओजी व पुलिस की दो टीमों को लगाया। घटना के 17 दिन बीत जाने के बाद भी एसओजी और पुलिस टीम के हाथ खाली हैं। पुलिस ने तीन बिंदुओं की अलग-अलग जांच कर जल्द मामले का पर्दाफाश करने का दावा कर रही है, लेकिन उसके दावे हर बार खोखले साबित हो रहे हैं। ऐसे में मृतक का गायब मोबाइल ही हत्या की गुत्थी सुलझा सकता है जो अभी पुलिस बरामद नहीं कर पाई है। प्रभारी निरीक्षक बृजेश मिश्र ने बताया कि पुलिस की टीम हत्यारों को पकड़ने को लगातार काम कर रही है। परिजनों से जितनी सहयोग की उम्मीद थी वह मिल नहीं पा रही है। बहुत जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाएगा।