अपहृत कर्मचारी को पुलिस ने छुड़ाया, अपहर्ता गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। बेरोजगार युवकों को ट्रेनिंग दिलाकर नौकरी दिलाने के नाम पर रुपये लेने वाले एक कर्मचारी का शनिवार की रात अपहरण कर लिया। सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया। सदर कोतवाली पुलिस और एसओजी टीम ने अपहृत युवक को अंबेडकरनगर जिले से बरामद कर लिया। दोनों अपहर्ता भी पुलिस के हाथ लगे हैं। उनसे पूछताछ की जा रही है।
बिहार के गोपालगंज के रहने वाले सुरेंद्र कुमार चौरसिया पुरवां में हाटा रोड पर विलेज ट्रेनिंग इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी चलाते हैं। यहां बेरोजगार युवकों से फीस लेकर ट्रेनिंग दी जाती है। बिहार के ही मधुबनी का रहने वाला शत्रुघ्न भी यहां कर्मचारी के रूप में काम करता है। बताया जा रहा है कि एक-दूसरे के माध्यम से ये सभी को जोड़ते हैं। अंबेडकरनगर जिले के रहने वाले अवनीश पाल और आसिफ नाम के युवक भी यहां ट्रेनिंग देने आए। दोनों ने आठ महीने में 90 हजार रुपये दिए। बाद में उनको लगा की ठगी के शिकार हो रहे हैं तो रुपये वापस मांगने लगे। आरोप है कि रुपये नहीं देने पर शनिवार की देर शाम पुरवां से दोनों ने शत्रुघ्न गाड़ी में बिठाकर अंबेडकरनगर जिले में अपने घर चले गए।
इधर रात आठ बजे पुलिस को सूचना मिली कि शत्रुघ्न का अपहरण हो गया है। हरकत में आई पुलिस जानकारी लेने के बाद बिहार के गोपालगंज और फिर अंबेडकरनगर जिले में पहुंची। वहां तीनों पुलिस को मिल गए। रविवार की दोपहर बाद सदर कोतवाल टीजे सिंह और एसओजी टीम तीनों को लेकर आई। तीनों से घटना के बारे में पूछताछ कर जानकारी ली जा रही है। इस बाबत एएसपी शिष्यपाल ने बताया कि अपहरण के सूचना पर सदर कोतवाली पुलिस और एसओजी टीम खोज में लग गई। अपहृत को बरामद करते हुए दोनों आरोपियों को भी पकड़ लिया गया है। मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।