फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी की दोनों टीमें क्वार्टर फाइनल में

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

देवरिया। 65 वीं अंडर 17 राष्ट्रीय विद्यालयी खो-खो चैंपियनशिप के तीसरे दिन रविवार को नाकआउट मुकाबलों में अपने-अपने मैच जीतते हुई यूपी की दोनों टीमों ने क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। बालिकाओं ने हरियाणा और बालकों ने मध्यप्रदेश की टीम को दी शिकस्त दी।
बालिका वर्ग का पहला नॉकआउट मैच लीग में सभी मैच जीतने वाली उत्तर प्रदेश एवं हरियाणा के बीच खेला गया। मेजबान यूपी ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए हरियाणा को 9-3 से शिकस्त देकर क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।
विज्ञापन

बालक वर्ग का पहला नॉकआउट यूपी एवं मध्य प्रदेश के बीच हुआ। इसमें भी यूपी ने विपक्षी टीम को हराकर अंतिम आठ में जगह बनाई। नॉकआउट के बालक वर्ग के अन्य मैच में गुजरात ने विद्या भारती को 17-7 एवं एक पाली, बालिका वर्ग में कर्नाटक ने छत्तीसगढ़ को 10-07 से, दिल्ली ने राजस्थान को मात देकर अंतिम आठ में जगह बनाई। इसके पूर्व दोपहर तक लीग चरण के शेष मुकाबले खेले गए। इसमें बालक वर्ग में पूल ए से गुजरात, बी से कर्नाटक, सी से महाराष्ट्र, डी से तेलंगाना, ई से दिल्ली, एफ से केरला, जी से उत्तर प्रदेश, एच से आंध्र प्रदेश की टीम विजेता रही।
बालिका वर्ग में पूल ए से दिल्ली, बी से महाराष्ट्र, सी से गुजरात, डी से पंजाब, ई से छत्तीसगढ़, एफ से केरल, जी से पश्चिम बंगाल एवं एच से उत्तर प्रदेश की टीम विजेता रही।
राजेश वर्मा, राधिका, विनोद कुशवाहा, शालिनी शर्मा, अंब्रेश पटेल, दीक्षा, मिथुन, राधेश्याम, विनय सहित ने योगदान दिया। आयोजन सचिव शिवानंद नायक, आब्जर्वर सत्यनारायण चौधरी, सुमित भाटिया, विवेकानन्द शर्मा, नीरज शर्मा, संजीव दूबे, अभिषेक सिंह, अखिलेश दूबे, रामशरण सिंह यादव, श्रीप्रकाश तिवारी, गणेश यादव, सुमेधा सिंह, संदल मणि, संजय तिवारी, रामप्रवेश चौरसिया, गंगतेश्वर सिंह, परमेश्वर विश्वकर्मा, देवानंद भारती, शैलेश सिंह, संजयानंद पांडेय आदि मौजूद रहे।
तीसरे दिन नहीं दिखे आयोजन समिति के कई जिम्मेदार
रविवार को आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं डीआईओएस शिवचंद राम, एडीआईओएस रामहजूर सहित अन्य प्रमुख पदाधिकारी व अधिकारी प्रतियोगिता स्थल पर नहीं दिखे। जिम्मेदारों के न रहने से व्यवस्था के लिए बनाई गई 20 समिति के पदाधिकारी भी अपने कार्यों के प्रति चुस्त नहीं दिखे।
...फोटो समाचार
खो-खो में एशिया में नंबर एक है भारतीय महिला व पुरुष टीमें
संघ के सचिव विनोद बोले, खो-खो से भी बनाया जा सकता है करियर
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। राष्ट्रीय विद्यालयी खो-खो चैंपियनशिप को संपन्न कराने में कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी व रेफरी भी अपना योगदान दे रहे हैं। इन्हीं में से एक उत्तर प्रदेश खो-खो संघ के सचिव विनोद सिंह ने बताया कि खो-खो के दम पर भी खिलाड़ी अपनी पहचान और बेहतर करियर बना सकते हैं।
विज्ञापन

उन्होंने बताया इस खेल को वर्ष 2015 में पहली बार साउथ एशियन गेम में शामिल किया गया। पिछले साल दिसंबर में नेपाल में आयोजित हुए सैफ गेम में सीनियर भारतीय पुरुष व महिला टीम ने बांग्लादेश, पाकिस्तान, कोरिया, श्रीलंका सहित अन्य टीमों की मौजूदगी के बीच स्वर्ण पदक जीता। अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस खेल को स्वीकारा जा रहा है। खेल कोटे से भी खिलाड़ियों को नौकरी मिल रही है। कुशल कोच की देखरेख में पांच से छह वर्ष की अवस्था में ही शुरुआत की जाए तो इस खेल में भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर खिलाड़ी तैयार किए जा सकते हैं। यूपी के गोविंद यादव वाराणसी, अंजली यादव बलिया, पूनम रायबरेली के प्रदर्शन को देखते हुए इन्हें खेलो इंडिया स्कीम के तहत 10 हजार रुपये प्रतिमाह मिल रहे हैं। दिल्ली में होने वाले चौथे एशियन चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम के प्रशिक्षण शिविर में अंजली यादव का भी चयन हुआ है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें