डीएम ने संवेदनशील कटान स्थलों एवं कटानरोधी परियोजनाओं के निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण
संबंधित अधिकारी कटानरोधी कार्यों को तत्परता व गुणवत्ता के साथ कराएं पूरा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने बुधवार को बरहज एवं सलेमपुर तहसील क्षेत्र के संवेदनशील कटान स्थलों एवं कटानरोधी परियोजनाओं के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कटानरोधी कार्यों को तत्परता व गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाने का निर्देश दिया। कहा कि तटबंधों पर पैनी नजर रखी जाए। संवदेनशील स्थलों पर पूरी सजगता के साथ जरूरी सामान उपलब्ध कराए जाएं, जिससे अचानक जरूरत पड़ने पर उपयोग किया जा सके। इसके लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा।
जिलाधिकारी सबसे पहले भागलपुर के निकट छित्तूपुर तटबंध के संवेदनशील स्थल पर हुए कटानरोधी कार्य के तहत निर्मित दो स्पर के निर्माण कार्यों को देखा। ग्रामीणों ने भागलपुर कस्बे को भविष्य में कटान से बचाए जाने के लिए और ठोकर बनाए जाने की आवश्यकता बताई। डीएम ने अधिशासी अभियंता बाढ़ एनके जाडिया को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
इसके बाद डीएम ग्राम चुरिया पहुंचे। उन्होंने 7.70 करोड़ की लागत के निर्माणाधीन कटानरोधी कार्य का जायजा लिया। यहां गांव को कटान से बचाने के लिए छह कटर बनाए गए थे तथा किनारे के उच्चीकरण का कार्य चल रहा था। ग्रामीणों ने बताया कि नदी के उस पार लगभग दस हजार एकड में गेहूं की खेती होती है। किसानों को नदी पार कर जाकर फसल की कटाई आदि करने में काफी दिक्कत होती है। उन्होंने पीपा पुल लगाने की मांग की। इस पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता बाढ को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए और ग्रामीणों को पीपा पुल का आश्वासन दिया। चुरिया टोला में जल निकासी के लिए नाले की समस्या की बात लोगों ने रखी। डीएम ने कहा कि जो भी समस्या है, दें, उसका हर संभव समाधान कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता बाढ़ को निर्देश दिया कि सभी कार्य स्थल व कार्याें का फोटो कराएं। उच्चाधिकारियों के सामने आवश्यकता के अनुसार कार्यों के लिए पहल की जाएगी।
बंधों की सुरक्षा के लिए लाएं ऑयल प्लांट
जिलाधिकारी ने बंधों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर ऑयल प्लांट लगाने पर जोर दिया। कहा कि किसानों के जरिए तटबंधों के स्लॉप पर लेमनग्रास, पॉमरोसा तथा सिट्रानेला जैसे पौधों को लगाया जाए। इनसे निकलने वाले तेल की वैश्विक मांग अधिक है, जिससे लोगों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी। ये वृक्ष अपनी विशिष्टताओं के चलते तटबंधों को मजबूती प्रदान करेंगे। ये वृक्ष अच्छे कटानरोधक होते हैं। उन्होंने अधिशासी अभियंता बाढ़ एनके जाडिया को मुख्य विकास अधिकारी के साथ उद्यान विभाग एवं कृषि विभाग के साथ बैठक कर कार्य योजना बनाने तथा उस पर पहल किए जाने का निर्देश दिया। अधिशासी अभियंता बाढ़ ने बताया कि सभी बाढ़ कार्य परियोजनाओं की 15-15 दिन पर ड्रोन से फोटोग्राफी कराई जाती है। निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी सलेमपुर ध्रुव कुमार शुक्ला, बरहज योगेश कुमार व बाढ़ विभाग के अभियंता, थानाध्यक्ष लार नवीन कुमार चौधरी सहित ग्रामीण आदि मौजूद रहे।