कस्तूरबा विद्यालयों की सुधार के लिए मिली धनराशि
देवरिया। जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में फर्नीचर, किचेन, पुस्तकालय, सेप्टिक टैंक आदि के लिए शासन ने करीब 50 लाख रुपयेे की धनराशि जारी की है। धन मिलने के बाद इन विद्यालयों के संचालन व्यवस्था में सुधार की उम्मीद की जा रही है। हालांकि अभी महामारी के चलते ये विद्यालय बंद चल रहे हैं। पूर्व में प्रस्तावित जरूरतों के लिए आए बजट से कार्य पूरा होने के बाद यहां पढ़ने वाली छात्रों को इसका लाभ मिलेगा।
समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत जिले में 13 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। कुछ विद्यालयों में फर्नीचर, किचेन, पुस्तकालय, सेप्टिक टैंक आदि की समुचित व्यवस्था न होने से यहां की छात्राओं को परेशानी होती है। इसके लिए विभाग ने इन विद्यालयों से छह माह पूर्व ही जरूरतों के लिए प्रस्ताव मांगा था। अब इस पर शासन ने बजट भी जारी कर दिया है। इसके अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए सेप्टिक टैंक निर्माण के लिए 1.89 लाख प्रति विद्यालय की दर से नौ कस्तूरबा विद्यालयों को 17.01 लाख, फर्नीचर व किचेन के लिए प्रति विद्यालय तीन लाख की दर से नौ विद्यालयों को कुल 27 लाख, टीएलएम एंड इक्वीपमेंट के साथ पुस्तकालय के किताबों के लिए एक लाख प्रति विद्यालय की दर से नौ विद्यालयों को नौ लाख एवं रिप्लेसमेंट ऑफ वेडिंग तीन वर्ष बाद के लिए प्रति विद्यालय 75 हजार की दर से 11 विद्यालयों को 8.25 लाख की धनराशि राज्य परियोजना कार्यालय की ओर से अवमुक्त की गई है।
बालिका शिक्षा के जिला समन्वयक टीएन पांडेय ने बताया कि निर्माण कार्य के लिए जनपदीय संचालन समिति की बैठक में कार्यदायी संस्था का चयन किया जाएगा। नौ विद्यालयों में स्वीकृत धनराशि के व्यय के लिए प्राप्त फर्नीचर, किचेन सामग्री व लाइब्रेरी बुक का क्रय जेम पोर्टल के जरिए किया जाएगा।
सत्ताधारी दल के नेताओं से करा रहे सिफारिश
कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों के लिए धन आने की सूचना मिलने के बाद से ही बेसिक कार्यालय में कुछ लोगों का चक्कर लगाना बढ़ गया है। वह निर्धारित कार्यों में कमीशन मिलने की आस में परिक्रमा लगाना शुरू कर दिए हैं। इसके लिए बाकायदा सत्ताधारी दल के नेताओं से सिफारिश भी कराई जा रही है। वैसे अधिकारी इससे इनकार करते रहे हैं।