एक दिन के इलाज से कालाजार चैंपियन बनीं बुजुर्ग महिला
जागरुकता व छिड़काव से मरीजों में आई कमी, इलाज के बाद मलेरिया विभाग ने एंबुलेंस से पहुंचाया घर
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कालाजार के मरीज एक दिन इलाज करने के बाद भी ठीक हो जा रहे हैं। कालाजार से पीड़ित बनकटा ब्लॉक की एक बुजुर्ग महिला का जिला अस्पताल में इलाज किया गया। वह एक दिन के इलाज में चैंपियन बन गईं। इसके बाद उन्हें एंबुलेंस से घर पहुंचाया गया। जनपद में कालाजार को लेकर जागरुकता, छिड़काव का असर दिख रहा है। इधर, मरीजों की संख्या में कमी आ रही है। स्वास्थ्य कर्मियों के सहयोग, स्क्रीनिंग और इलाज से कालाजार के मरीज स्वस्थ हो रहे हैं।
विकास खंड बनकटा के नियरवा गांव निवासी तैरुन खातून 70 वर्ष 15 दिन से लगातार बुखार आ रहा था। उनके पति मंसक ने बताया कि पहले बुखार हुआ तो डॉक्टर को दिखाया। कुछ दिन तक दवा भी चली, लेकिन पंद्रह दिन तक बुखार की स्थिति जस की तस रही। इसी दौरान गांव की आशा कार्यकर्ता हुस्नारा और सविता, तैरुन खातून के घर स्क्रीनिंग के लिए पहुंचीं। लक्षण के आधार पर उन्हें जांच के लिए पीएचसी लेकर गईं, जहां कालाजार की पुष्टि हुई। स्वास्थ्यकर्मियों ने तत्काल सूचना मलेरिया विभाग को दी। विभाग की टीम 27 दिसंबर को पीड़िता के घर पहुंची और इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराई। अस्पताल में एमबीसोम इंजेक्शन लगाया। इसके बाद वह एक दिन के इलाज में स्वस्थ हो गईं। इसके बाद मलेरिया विभाग ने बुजुर्ग महिला को एंबुलेंस से घर भेजा।
कम हो रहे कालाजार के मरीज
सहायक मलेरिया अधिकारी सुधाकर मणि ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता के कारण कालाजार के मरीज हर साल कम हो रहे हैं। तीन वर्षों के आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2019 में 39, 2020 में 38 और 2021 में 30 कालाजार के मरीज मिले हैं। इन सभी को निशुल्क इलाज दिया गया। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को कालाजार के लक्षण दिखें तो नजरंदाज न करें। शीघ्र जांच कराकर इलाज कराएं। जिला अस्पताल में कालाजार के इलाज की निशुल्क व्यवस्था है।
एमबीसोम इंजेक्शन से कारगर इलाज
सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने बताया के कालाजार के मरीजों को राहत मिली है। पहले बीमारी ठीक होने के लिए सोडियम स्टिबो ग्लूकोज 28 दिनों तक खानी पड़ती थी। मरीज दवा उम्र के हिसाब से चिकित्सकों की सलाह के मुताबिक सेवन करते थे, लेकिन इस बीमारी की नई दवा ईजाद होने के बाद मरीजों को सिर्फ एक इंजेक्शन लगाने से ही बीमारी से छुटकारा मिल जाता है। अब एमबीसोम के एक इंजेक्शन लगाने मात्र से ही मरीज ठीक हो जाता है।