देवरिया। जिले के कालाजार प्रभावित ब्लॉकों के उन गांवों में जहां पिछले पांच वर्षों में मरीज मिले हैं घर-घर खोज अभियान चलाया जाएगा। अभियान को सफल बनाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ता पुराने कालाजार मरीजों का फॉलोअप भी करेंगी।
ये बातें कालाजार उन्मूलन एवं एमएमडीपी (मॉर्बिडिटी मैनेजमेंट एंड डिसएबिलिटी प्रिवेंशन) कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए शुक्रवार को ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य कर्मियों के प्रशिक्षण में कही गई। प्रशिक्षण की अध्यक्षता सीएमओ डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने की।
इसमें कालाजार डोजियर से संबंधित ब्लॉक स्तरीय दस्तावेजीकरण, एसीडी (एक्टिव केस डिटेक्शन) अभियान तथा फाइलेरिया रोगियों को एमएमडीपी प्रशिक्षण देने की जानकारी दी गई।
सीएमओ डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि ब्लॉक स्तर पर कालाजार डोजियर से जुड़े सभी अपूर्ण अभिलेखों को शीघ्र पूर्ण कर लें। उन्होंने यह भी कहा कि फाइलेरिया मरीजों को रोग प्रबंधन के लिए हर वर्ष मिलने वाली किट समय से वितरित कर उन्हें सही प्रशिक्षण दिया जाए। जिला मलेरिया अधिकारी सीपी मिश्रा ने कालाजार रोग की पहचान, प्रारंभिक व गंभीर लक्षण, संदिग्ध मरीजों की खोज, समय पर रेफरल, उपचार प्रक्रिया और समुदाय स्तर पर जागरूकता के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी।
प्रशिक्षण में डिप्टी सीएमओ डॉ. आरपी यादव, डीसीपीएम राजेश गुप्ता, सहायक मलेरिया अधिकारी सुधाकर मणि सहित डब्ल्यूएचओ, सीफार, पाथ के प्रतिनिधि व अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।