जिला पंचायत बोर्ड की बैठक का सदस्यो ने बहिस्कार कर विरोध जताया।
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बोर्ड की बैठक में नहीं पहुंचे डीएम, नारेबाजी
बबलू पर कार्रवाई के बाद शासन ने डीएम को बनाया है जिला पंचायत का प्रशासक
बोर्ड की बैठक लेने पहुंचे थे एडीएम प्रशासन, अब 22 को होगी अगली बोर्ड की बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में एडीएम प्रशासन को देखकर सदस्य भड़क गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। एडीएम प्रशासन की बात कोई सुनने को तैयार नहीं हुआ और डीएम की मौजूदगी में ही बैठक होने की बात कही। अपर मुख्य अधिकारी ने बैठक स्थगित कर 22 फरवरी को बोर्ड की अगली बैठक कराने की घोषणा की।
जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में सभी सदस्य अपनी तैयारियों के साथ पहुंचे थे। एक भी सांसद और विधायक नहीं आए। कुछ देर बाद एडीएम प्रशासन राकेश पटेल पहुंचे और बताया कि डीएम गोरखपुर मीटिंग में गए हैं। जिला पंचायत प्रशासक के रूप में मुझे भेजा है। यह सुनते ही सदस्य मेज थपथपाकर पुरजोर तरीके से विरोध करने लगे। सदस्यों ने कहा कि जिला पंचायत बोर्ड की बैठक मजाक नहीं है। नियमावली में कहीं भी ऐसा नहीं है कि प्रभारी प्रशासक बोर्ड की बैठक ले सकता है। एडीएम ने नाराज सदस्यों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे उनकी एक नहीं सुने। और बैठक का बहिष्कार कर प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद का नारा लगाने लगे। दस मिनट तक सभागार में खूब हंगामा हुआ। सदस्यों ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव बबलू के हटने के बाद शासन ने डीएम अमित किशोर को जिला पंचायत का प्रशासक बनाया है। बोर्ड की बैठक में डीएम का रहना अनिवार्य है। बिना उनकी उपस्थिति में बोर्ड की बैठक में नहीं होगी। एडीएम प्रशासन से वार्ता के बाद बैठक स्थगित कर दी गई। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी उमेेश चंद्र ने बताया कि डीएम कमिश्नर की बैठक में गोरखपुर गए थे। इसलिए वह नहीं आ सके। इसके चलते सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। 22 फरवरी को पुन: बोर्ड की बैठक की तिथि तय की गई है।
धरी रह गई हंगामे की तैयारियां
जिला पंचायत परिसर में आरसीसी सड़क पर पिच कराए जाने पर 25 लाख रुपये खर्च करने, भू माफिया को लाभ दिलाए जाने के लिए सड़क का निर्माण कराए जाने, सत्ताधारीदल के नेताओं को खुश करने के लिए उनके इलाके में टेंडर निकाले जाने एवं कई अन्य गंभीर मुद्दों को लेकर जिला पंचायत के अधिकारियों को घेरने की तैयारी कर आए थे।