देवरिया। परसा जंगल गांव में करंट की चपेट में आने से पांच वर्षीय बच्ची की मौत के मामले में बिजली निगम की लापरवाही सामने आई है। अधीक्षण अभियंता अमित कुमार सिंह की तरफ से कराई गई जांच के बाद जेई रामप्रवेश को निलंबित कर दिया गया है।
वहीं लाइनमैन का कार्यक्षेत्र भी बदल दिया गया है। इसके अलावा इस इलाके के एसडीओ के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है। मंगलवार को तिरछा पोल भी सीधा कर दिया गया। परसा जंगल गांव निवासी मेघनाथ यादव के मकान के बगल में 11 हजार वोल्ट की लाइन का खंभा लगा है। छठ पूजा के दिन कंबाइन की ठोकर से यह पोल टेढ़ा हो गया था, जिससे बिजली का तार मेघनाथ के घर की छत के ऊपर आ गया था।
बीते शनिवार की शाम को मेघनाथ यादव की पांच वर्षीय पुत्री अनन्या छत पर खेलते समय करंट की चपेट में आ गई।
उसके चिल्लाने की आवाज सुनकर मां बचाने गई तो झटका खाकर दूर गिर पड़ी। शोर सुनकर बगल के लोगों ने लाठी से तार पर मार कर बच्ची को अलग किया लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में मातम छा गया। गांव वालों ने बिजली निगम के कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना था कि यदि समय रहते विभाग ने बिजली का पोल सीधा कर दिया होता तो शायद यह घटना नहीं होती।
अधीक्षण अभियंता अमित कुमार सिंह के निर्देश पर सोमवार को घटना की जांच हुई तो पता लगा कि पोल तिरछा होने की सूचना बिजली उपकेंद्र पर दी गई थी, लेकिन अवर अभियंता ने उसे सही कराने का निर्देश नहीं दिया, जिसके चलते इतनी बड़ी घटना हो गई।
अधीक्षण अभियंता ने बताया कि इस मामले में प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर जेई को निलंबित कर दिया गया है। एसडीओ के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है। इसके अलावा उस गांव के लाइनमैन को भी हटा दिया गया है।
तिरछा पोल सीधा हुआ, शुरू हुई आपूर्ति : पैकौली। घटना के बाद से गांव की बिजली सप्लाई भी बंद थी। एक हजार आबादी वाले गांव के लोगों को बिजली-पानी के साथ ही साथ अन्य तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।