देवरिया से कसया जाने वाली सड़क, फोटो संवाद
देवरिया। देवरिया से कुशीनगर जनपद के कसया तक जाने वाले प्रमुख मार्ग को फोरलेन बनाने का रास्ता साफ हो गया है। इस फोरलेन के निर्माण के लिए कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। इससे मार्च तक सड़क के शिलान्यास की संभावना काफी बढ़ गई है। इस सड़क के बन जाने से देवरिया से कुशीनगर एयरपोर्ट की राह आसान हो जाएगी। वहीं कुशीनगर से सारनाथ, वाराणसी व प्रयागराज का रास्ता सहज और सुगम हो जाएगा। इसके निर्माण पर करीब 292 करोड़ की लागत आएगी।
देवरिया-कसया फोरलेन से प्रतिदिन करीब एक हजार कॉमर्शियल वाहन गुजरते हैं। सड़क पर भारी ट्रैफिक को देखते हुए इसे फोरलेन बनाने के लिए एस्टीमेट बनाकर 28 जुलाई 2025 को इसे शासन में मंजूरी के लिए भेजा गया था। इसकी समीक्षा में विभागीय उच्चाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश सरकार के तकनीकी सलाहकार से परामर्श लेने की सलाह दी। पांच अगस्त 2025 को लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों ने तकनीकी सलाहकार वीके सिंह के सामने इस आगणन को रखा। इसमें तकनीकी सलाहकार ने सड़क की चौड़ाई को घटाने का निर्देश देते हुए नया प्रस्ताव तैयार करने को कहा। इसके बाद लोक निर्माण विभाग नए सिरे से प्रस्ताव कर शासन को भेजा था। इसमें 31.50 किमी लंबी सड़क की चौड़ाई को तीन मीटर कम कर 15 मीटर कर दिया गया। इससे सड़क की लागत घट गई। साथ ही सड़क किनारे कटने वाले पेड़ों की संख्या एक हजार कम हो गई। वहीं सड़क की जद में आने वाले मकानों की संख्या घट गई। इसका सीधा लाभ पर्यावरण को होगा। सड़क निर्माण के दौरान पटनवा पुल के बगल में सौ मीटर लंबे दो लेन के पुल का निर्माण होगा। इसे उत्तर प्रदेश सेतु निगम बनाएगा।
एक हजार पेड़ कम कटेंगे : सड़क के संशोधित प्रस्ताव में पर्यावरण का खास ध्यान रखा गया है। पहले सड़क निर्माण के दौरान देवरिया से कसया तक सड़क किनारे वन विभाग के करीब 3500 पेड़ विस्तार की सीमा आ रहे थे। इससे पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंच रहा था। अब नए प्रस्ताव में कटान वाले पेड़ों की संख्या घटकर करीब 2500 रह गयी है। इससे एक हजार के करीब पेड़ कटने से बच जाएंगे।