देवरिया। देवरिया के सहायक अध्यापक कृष्ण मोहन सिंह की खुदकुशी के मामले में शासन और जिलाधिकारी द्वारा नियुक्त टीमों ने अपनी जांच शुरू कर दी है। दोनों टीमें सोमवार सुबह बीएसए कार्यालय पहुंच गईं। इसके बाद अफसरों ने कागजातों की जांच-पड़ताल की। करीब एक घंटे बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शालिनी श्रीवास्तव भी कार्यालय पहुंचीं। इसके बाद उनसे भी पूछताछ शुरू हुई। शाम तक दोनों टीमें बीएसए कार्यालय पर जमी रहीं।
गौरीबाजार विकास खंड स्थित कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय, मदरसन में शिक्षक पद पर तैनात कृष्णमोहन सिंह ने शनिवार को अपने गोरखपुर स्थित आवास पर पंखे से लटककर खुदकुशी कर ली थी। उन्होंने चार पेज के सुसाइड नोट में बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, उनके पटल सहायक संजीव सिंह पर तीन शिक्षकों से 16-16 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया। उन्होंने सुसाइड नोट में प्रति शिक्षक चार लाख रुपये और मांगने का आरोप लगाया। इस प्रकरण के सामने आने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। वहीं प्रशासनिक हलकों में भी इस प्रकरण ने हलचल उत्पन्न दी। रविवार को इस मामले में गोरखपुर के गुलरिहा थाने में बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, पटल सहायक (लिपिक) संजीव सिंह और एक अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई। सोमवार की सुबह करीब 11 बजे डीएम द्वारा सीडीओ राजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित जांच टीम बीएसए कार्यालय पहुंच गई। इसमें एसडीएम सदर श्रुति शर्मा और डीआईओएस द्वारा नामित सह जिला विद्यालय निरीक्षक नीलेश पांडेय भी बीसए कार्यालय पहुंचे। इसके 30 मिनट के अंदर ही महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी द्वारा गठित जांच समिति के सदस्य उप शिक्षा निदेशक प्राथमिक शिक्षा संजय कुमार उपाध्याय, संयुक्त निदेशक स्कूली शिक्षा डॉ. पवन सचान और सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक संगीता सिंह भी बीएसए कार्यालय पहुंच गईं। इस समिति की चौथी सदस्य और जिलास्तरीय जांच समिति की भी सदस्य एसडीएम सदर श्रुति शर्मा पहले से ही कार्यालय में मौजूद थीं। जांच टीमों ने बीएसए के लेखाधिकारी को भी बीएसए कक्ष में बुलवा लिया। आधे घंटे तक बैठक करने के बाद अधिकारियों ने बीएसए कार्यालय का निरीक्षण किया। सभी अधिकारी निलंबित पटल सहायक संजीव सिंह के कमरे की ओर गए। इसके बाद टीम ने ऊपरी मंजिल पर स्थित कमरों का भी निरीक्षण किया। जांच टीम ऊपर लेखाधिकारी कार्यालय कक्ष में इस मामले पर चर्चा की। जांच टीम के करीब एक घंटे बाद बीएसए शालिनी श्रीवास्तव अपने कार्यालय पहुंचीं। उन्हें जांच टीम ने बुलवाया था। बीएसए अपनी गाड़ी से उतर कर जल्दीबाजी में अपने कार्यालय कक्ष में पहुंचीं। वहां किसी ने बताया कि जांच टीम के अधिकारी ऊपर हैं। इसके बाद वह मीडिया से बचती हुईं प्रथम तल पर चली गईं। बीएसए के आने के करीब आधे घंटे बाद डीएम दिव्या मित्तल भी बीएसए कार्यालय पहुंच गईं। तब तक सभी अधिकारी नीचे बीएसए कक्ष में आ चुके थे। डीएम ने कार्यालय पहुंचकर फाइलों को तलब किया और मामले की पड़ताल करने लगीं। उन्होंने बीएसए और जांच टीम के अधिकारियों से कई सवाल पूछे। करीब एक घंटे रुकने के बाद डीएम वापस चली गईं।
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डीवीआर में बीएसए के सामने हाथ जोड़ते नजर आए कृष्णमोहन
कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन के शिक्षक कृष्णमोहन सिंह के सुसाइड नोट में वर्णित 20 फरवरी को बीएसए कार्यालय बुलाए जाने के आरोपों की अधिकारियों ने जांच की। सूत्रों के मुताबिक बीएसए कार्यालय में लगे डीवीआर की रिकॉर्डिंग को रिवर्स करके देखा गया। इसमें शिक्षक बीएसए के सामने हाथ जोड़कर कुछ निवेदन करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी इसकी पुष्टि नहीं करती है।
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दोनों शिक्षक भी जांच समिति के सामने हुए पेश
कृष्णमोहन सिंह ने सुसाइड नोट में जिन दो अन्य शिक्षकों से आरोपी पटल सहायक संजीव सिंह द्वारा रुपये लिए जाने का उल्लेख किया गया है। वह दोनों शिक्षक ओंकार सिंह और अर्पणा तिवारी सोमवार को दोपहर में बीएसए कार्यालय पहुंचे। दोनों शिक्षक सीधे बीएसए कक्ष में जांच समिति के सामने पेश हुए। जांच समिति द्वारा उनसे पूछताछ कर मामले की तह तक जाने का प्रयास किया गया।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने जल्दी मांगी है जांच रिपोर्ट
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने चार सदस्यीय जांच समिति से स्थलीय निरीक्षण कर जांच आख्या शीघ्र देने का आदेश दिया है। उन्होंने समिति से कहा है कि रिपोर्ट जल्दी भेजें जिससे आगे की कार्रवाई की जा सके।