जिला कृषि अधिकारी और एआर के नेतृत्व में जांच करने बौरडीह पहुंची थी टीम
देवरिया। लार ब्लॉक के बौरडीह साधन सहकारी समिति से बिहार में खाद भेजने का वायरल वीडियो की अधिकारियों ने सोमवार को जांच। अधिकारियों का कहना है कि बिहार की पिकअप से रावतपार अमेठिया गांव के दो किसान पांच-पांच बोरी खाद 27 अगस्त को समिति से गए थे। पहले खाद नहीं मिलने से नाराज एक किसान वीडियो बना लिया और दो दिन पहले वायरल कर दिया था।
जिला कृषि अधिकारी उदय शंकर सिंह और एआर रमेश त्रिपाठी की संयुक्त टीम की जांच में समिति का स्टाक और वितरण रजिस्टर दुरुस्त मिला। वीडियो वायरल करने वाला किसान और खाद लेने वाले दोनों किसानों ने लिखकर भी दे दिया है। अधिकारियों ने देर शाम को इसकी रिपोर्ट कृषि मंत्री व उच्चाधिकारियों को भेज दी है। समिति में मौजूद 222 बोरा खाद खतौनी लेकर वितरण करने के निर्देश दिए गए हैं
बौरडीह साधन समिति से बिहार की पिकअप पर खाद लादते हुए वीडियो ककरौली निवासी जंगबहादुर ने अपने फेसबुक पर अपलोड कर दिया था। इसके फेसबुक से वीडियो निकालकर कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया और बिहार की पिकअप होने के कारण लोगों ने सचिव पर बिहार में खाद बेचने का आरोप लगाया था। इससे हड़कंप मच गया और कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने जांच के लिए निर्देश दिए थे।
कृषि मंत्री के निर्देश पर जिला कृषि अधिकारी उदय शंकर, एआर रमेश त्रिपाठी, एडीसीओ अरुण कुमार, शिवेंद्र मौर्या की टीम सोमवार को जांच करने बौरडीह साधन समिति पर पहुंची। सचिव रामप्रवेश गुप्ता का बयान दर्ज करने के बाद स्टाक का मिलान किया। वर्तमान में गोदाम में 222 बोरी खाद मिली, वितरण रजिस्टर भी दुरुस्त मिला।
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कोट
जांच में खाद बिहार भेजने की पुष्टि नहीं हुई है। बिहार की पिकअप से रावतपार अमेठिया गांव के दो किसान 10 बोरी खाद 27 अगस्त को ले गए थे। वीडियो बनाने और उन दोनों किसानों का बयान दर्ज करने के बाद लिखित रूप से ले लिया गया है। स्टाक और वितरण रजिस्टर दुरुस्त मिला। जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी गई है।
उदय शंकर सिंह, जिला कृषि अधिकारी