संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। गोरखपुर की थोक मंडी से मिलावटी अरहर की दाल देवरिया जिले में भी आ रही है। खरीदारी के दौरान चूक हुई तो मिलावटी दाल सेहत बिगाड़ सकती है। मिलावट के इस खेल में धंधेबाज मोटा मुनाफा कमा रहे है।
व्यवसायियों की मानें तो प्रत्येक दिन जिले में करीब 250 क्विंटल दाल की खपत होती है। जिस दाल को शुद्ध समझ कर लोग खा कर रहे हैं उसमें खेसारी की मिलावट हो रही है। छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश से मिलावटी अरहर की दाल उत्तर प्रदेश में आ रही है। इसकी पहचान आसानी से नहीं की जा सकती है।
डॉक्टरों का कहना है कि खेसारी की दाल सेहत के लिए नुकसानदायक है। देवरिया के अधिकतर कारोबारी गोरखपुर मंडी से दाल की खरीदारी करते हैं। गोरखपुर में एक सप्ताह पहले मिलावटी दाल बिक्री होने की बात सामने आई है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि देवरिया में भी मिलावटी दाल आ चुकी है। बाजार में 90 से लेकर 150 रुपये तक प्रति किलो की अरहर की दाल उपलब्ध है। कारोबारी बताते हैं कि दाल के आकार एक जैसे होते हैं।
खेसारी मिलाने पर पता चल जाएगा, मगर इसके लिए आपको विशेष ध्यान देने की जरूरत होगी। इसकी मात्रा कम होगी तो पहचान करना आसान नहीं होगा। विशेषज्ञ भी सलाह देते हैं कि दाल खरीदते समय बारीकी से देखना चाहिए। हालांकि, मिलावटी दाल की बिक्री रोकने के लिए व्यापारी खुद सतर्क हो रहे हैं।
उनका कहना है कि कुछ धंधेबाजों की वजह से पूरे व्यापारी समाज को लोग शक की निगाह से देखने लगे हैं। डाॅ. बीवी सिंह ने बताया कि मिलावट वाली लगातार दाल खाने से लकवा मारने का खतरा रहता है। आंख समेत सेहत से जुड़ी कई बीमारियां हो सकती हैं। संबंधित विभाग के लोग सतर्क नहीं हैं। ऐसे में लोगों को अरहर दाल खरीदते समय सावधानी बरतनी होगी।